
डेंगू से बेटे की मौत के बाद मजदूर पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप
बेमेतरा. डेंगू से 9 साल के मासूम रूपेश धनकर की मौत के बाद उसके परिजन ने इसे अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही बताते हुए सुपेला थाने में शिकायत की है। इसमें अस्पताल पर आरोप है कि उसने गंभीर हालत में रूपेश को रायपुर रेफर किया, लेकिन फिर रास्ते से एंबुलेंस वापस बुला ली। इलाज में देरी से उसकी मौत हो गई। बच्चे का अंतिम संस्कार साजा ब्लॉक स्थित गृह ग्राम लुक में किया गया।
भर्ती करने की बजाए इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया
भिलाई में कैम्प-2 क्षेत्र के वार्ड-24 के मजदूर रमेश धनकर के पुत्र रूपेश को बुखार आने पर डेंगू टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां उसे भर्ती करने की बजाय इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया। अस्पताल प्रबंधन ने फीस जमा किए बिना उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया था। रूपेश की हालत बिगडऩे पर उसे 30 अगस्त को रात में 1 बजे फिर अस्पताल ले जाया गया। करीब दस घंटे बाद सुबह 11 बजे उसे रायपुर रेफर कर दिया।
एंबुलेंस वापस बुलाई
एंबुलेंस में ऑक्सीजन मास्क लगाकर भेजा गया था। रायपुर के बाल गोपाल अस्पताल पहुंचने से पहले कुम्हारी में ही एंबुलेंस के ड्राइवर को अस्पताल प्रबंधन ने वापस बुला लिया। इससे रूपेश के इलाज में बेवजह देरी हो गई। जो मौत की वजह बना।
प्रनाम इस मामले को लेकर जाएगा हाइकोर्ट
प्रनाम संस्था ने पीडि़त परिजन के साथ सुपेला थाने में शिकायत की है। संस्था के अध्यक्ष पवन केसवानी ने बताया कि बच्चे की मौत के मामले को कलक्टर के संज्ञान में लाया जाएगा, साथ ही हाईकोर्ट में भी न्याय की गुहार लगाई जाएगी।
Published on:
3 Sep 2018, 11:13 PM IST
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