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OMG – करोड़ों रुपए फूंक डाले फिर भी मीठे पानी के लिए तरस रही शहर की आधी आबादी

16 करोड़ की शहरी पेयजल आवर्धन योजना का काम अब तक अधूरा, शहर के मात्र 4 वार्ड के लोगों को ही मिल रहा योजना का लाभ
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बेमेतरा

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 21 Feb 2018, 7:30 AM IST

Chhattisgarh Public Opinion, Water Crisis in Bemetara

बेमेतरा . करोड़ों रुपए की शहरी पेयजल आवर्धन योजना का लाभ नगर पालिका क्षेत्र के मात्र 4 वार्ड के लोगों ही मिल रहा है और शेष 17 वार्डों के हजारों लोग योजना पूरा करने को लेकर उम्मीद से विभाग की ओर मुह ताक रहे हैं। निर्धारित समय से करीब 2 साल से अधिक पीछे चल रहे योजना को पीएचई की लापरवाही ने लचर बनाया है और अव्यवस्था का शिकार हो चुके लोगों ने एक महीने पहले से जिला मुख्यालय में विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। जिसमें सुधार किए जाने के आश्वासन के बाद भी लोगों को लाभ नहीं मिलने से नाराज लोगों द्वारा अब स्थगित आंदोलन को फिर शुरू करने की तैयारी हो रही है। बताना होगा कि जिस उम्मीद के साथ 16 करोड़ रुपए की लागत से शहरी पेयजल आवर्धन योजना शुरू की गई थी, उसका लाभ शहर के आधे से कम केवल 40 फीसदी आबादी को मिल रहा है। करीब 2 साल पहले पूरा किए जाने वाले इस योजना को आज तक पूरा नहीं किया गया है।
60 फीसदी आबादी को है मीठे पानी का इंतजार
शहर की करीब 60 प्रतिशत आबादी के मीठे जल का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। वर्तमान में शहर की करीब 30 हजार आबादी में से 20 हजार की आबादी योजना के लाभ से वंचित है। जहां जलस्तर गिरने से शहर में पावरपंपों ने जवाब देना शुरू कर दिया है और पहले की तरह शहर के बड़े हिस्से में पावरपंपों से ही खारा पानी की सप्लाई की जा रही है। आज से एक माह पहले जिला मुख्यालय में लोगों व पार्षद दीपक तिवारी ने मोहभटठा रोड, ब्राहम्ण पारा समेत कई रहवासी इलाके में पाइप लाइन का विस्तार नहीं किए जाने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया था। जिसके बाद निराकरण का भरोसा दिलाकर आंदोलन वापस कराया गया था। जिसके 30 दिन बीत जाने के बाद भी पाइप लाइन का काम शुरू नहीं किया गया है।
पीएचई कार्यालय में तालाबंदी की दी चेतावनी
योजना के लाभ से वंचित वार्ड पार्षदों ने योजना के औचित्य पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। वार्ड पार्षद सुमन गोस्वामी के अनुसार शहर के दुर्ग रोग स्थित 7 वार्ड योजना के लाभ से पूरी तरह से वंचित हंै। वहीं कुछ वार्डों में आंशिक सप्लाई की स्थिति है। जारी वर्ष में शत-प्रतिशत शहरवासियों को शहरी पेयजल आवर्धन योजना से शुद्ध जल की आपूर्ति की उम्मीद थी, जो कोरा साबित हुआ है। योजना में खामी व बेतरतीब पाइप लाइन विस्तार के कारण अभी भी शहर के कई वार्डों में शुद्ध जल की आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है। पार्षद दीपक तिवारी ने कहा कि आने वाले सप्ताह भर में काम शुरू नहीं होने की स्थिति पीएचई कार्यालय में ताला बंदी किया जाएगा।

मात्र 50 मीटर पाइप लाइन बिछाने से 7 वार्डों में मिल सकेगा मीठा पानी
योजना के तहत अब तक शहर के कई वार्डो में पाइपलाईन का विस्तार नहीं किया गया है। शहर के दुर्ग रोड स्थित 7 वार्ड एवं कवर्धा रोड स्थित 2 वार्डों में योजना के अंतर्गत पाइपलाईन का विस्तार होने के बावजूद अब तक शुद्ध जल की आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है। इस संबंध में वार्ड पार्षदों ने बताया कि पुराना बस स्टैंड में मेन पाइप लाइन से करीब 50 मीटर दूरी पर स्थित पुराने जल वितरण पाइप लाइन से जोडऩे पर दुर्ग रोड स्थित 7 वार्ड के लोगों को शुद्ध जल की आपूर्ति हो सकेगी। इसी प्रकार कवर्धा रोड स्थित वार्ड 1 व 2 में पाइप लाईन विस्तार में खामियों की वजह से जल की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।

शहर के इन वार्डों में नहीं पहुंचा मीठा पानी
शहर के शहीद वीर नारायण सिंह, हेमू कालाड़ी वार्ड, पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड, मोहभ_ा वार्ड, इंदिरा गांधी वार्ड, गुरू गोविंद सिंह वार्ड, भीमराव अंबेडकर वार्ड एवं रानी लक्ष्मीबाई वार्ड में पाइप लाईन का विस्तार नहीं हो पाया है। इसी प्रकार दुर्ग रोड स्थित बाबा रामदेव वार्ड, अग्रसेन वार्ड, शहीद भगत सिंह वार्ड, माता कर्मा वार्ड, जवाहरलाल नेहरू वार्ड, परशुराम वार्ड, राजीव गांधी वार्ड के लोगों को शुद्ध जल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
पीएचई अधिकारियों ने खड़े किए हाथ
योजना के तहत शहर के सभी वार्ड के रहवासी को शुद्ध जल आपूर्ति की समय सीमा को लेकर पीएचई के अधिकारी कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। बताना होगा कि 16 करोड़ रुपए की पूरी योजना पुराने सप्लाई लाईन से ही जुड़ा है। जिसके बाद भी शहर में कई वार्डों में काम अधूरा है। जिसके कारण आने वाले समय में लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
आवंटन नहीं आने से रुक गया है काम
इस संबंध में बेमेतरा पीएचई के ईई परीक्षित चौधरी ने कहा कि शहर को तीन समूह (जोन) में विभाजित किया गया है। जिसमें से दो जोन में ही पाइप लाइन का विस्तार हो पाया है और एक जोन गंजपारा इलाके में कुछ भी काम नहीं हो पाया है। यहां आवंटन नहीं आने के कारण काम रूका हुआ है। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।