
सीएम योगी (फोटो सोर्स ANI)
Bhadohi News:उत्तर प्रदेश के भदोही जिले को अब नए नाम से पहचान मिलने वाली है। भदोही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले का नाम बदलने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब भदोही को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने संत रविदास के सामाजिक संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नाम पर जिले की पहचान होना महत्वपूर्ण है। इसी कार्यक्रम में उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब भदोही जिला ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने संत रविदास के सामाजिक संदेश और उनके विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संत रविदास ने अपनी साधना के माध्यम से समाज को जोड़ने का काम किया था, ऐसे संत के नाम से अब भदोही जाना जाएगा। मध्यकाल में इस संत की ख्याति कितनी थी, उन्होंने उस समय कहा था ऐसा चाहो राज में जहां मिले सबको अन्न, छोट-बड़ो सब समबसे रहे दास रहे प्रसन्न।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिस संत ने आज से 600 साल पहले ये कामना की थी कि ऐसा राज हमें चाहिए जहां सभी को अन्न मिले और बिना किसी भेदभाव के योजनाओं के हमें योजनाओं का लाभ मिले, ऐसा राज होना चाहिए।
भदोही में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जिले के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं की शुरुआत की। इस दौरान 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भदोही का कालीन उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। सीएम योगी ने कहा कि 10 सालों में उत्तर प्रदेश का निर्यात 2.27 गुना बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश देश का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य है। इसमें भदोही के कालीन उद्योग की अहम भूमिका है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ के स्वर्ण जयंती संस्करण का भी शुभारंभ किया। इसे एशिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेला बताया गया है। सीएम ने एक्स हैंडल पर लिखा कि जनपद भदोही में आज एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेला 'इंडिया कारपेट एक्सपो' के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं एवं प्रमुख उद्यमियों से संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कालीन उद्योग से जुड़े कारीगरों के हुनर और बदलती तकनीक की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने आगे लिखा कि जिन हाथों ने सदियों तक कालीन बुना, उनमें नई तकनीक और नई डिजाइन भी होनी चाहिए, हमारी सरकार ने कारीगरों के हुनर, कला और उनकी साधना को पहचान दिलाने के लिए प्रयास प्रारंभ किए, इसके बाद मार्केट भी मिला और डिजाइन भी। सीएम योगी ने कहा कि 'इंडिया कारपेट एक्सपो' की 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई तथा निर्यातकों, विक्रेताओं, उद्यमियों, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भदोही के कालीन उद्योग को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने लिखा कि भदोही का हुनर पहले अपनी राह तलाशता था, लेकिन आज सरकार उसके लिए विकास, बाजार और अवसर के नए द्वार खोल रही है।
Updated on:
05 Oct 2026 08:44 am
Published on:
04 Oct 2026 09:09 am
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