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नागपुर के बाद यूपी में RSS के समापन शिविर में संघ का जमावड़ा, यूपी के मंत्री भी होंगे शामिल

भदोही के सीतामढ़ी में 20 दिनों से चल रहा संघ का प्रशिक्षण समापन के मौके पर होगा भव्य आयोजन। जुटेंगे संघ व बीजेपी के दिग्गज।
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भदोही

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Mohd Rafatuddin Faridi

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Updated: 9 Jun 2018, 3:44 PM IST

RSS

आरएसएस

भदोही. आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सक्रियता बढ़ने लगी है। नागपुर कार्यक्रम के बाद यूपी के भदोही में भी आरएसएस के प्रशिक्षण का भव्य समापन समारोह आयोजित किया जा रहा है। इसमें संघ के बड़े पदाधिकारियों के साथ ही यूपी सरकारके मंत्री भी शिरकत करेंगे। आयोजन में नागपुर से भी संघ के महत्वपूर्ण लोगों के आने की खबरें हैं। संघ के इस कार्यक्रम में बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ताओं का भी बड़ा जमावड़ा होगा।


भदोही के सीतामढ़ी में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के काशी प्रांत की ओर से शिक्षा वर्ग का 20 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें काशी प्रांत के करीब 12 से अधिक जलों के चुनिंदा आरएसएस से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है। शनिवार को प्रशिक्षण समापन के मौके पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन सीतामढ़ी स्थित दयावती पुंज मॉडल स्कूल में रखा गया है। इसमें बतौर मुख्य अतिथि आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के इन्द्रश कुमार शरीक होंगे।

काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. त्रिलोकीनाथ सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। यूपी सरकार की ओर से समापन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क, पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' और मंत्री ग्रामीण अभियंत्रण राजेन्द्र प्रसाद सिंह 'मोती सिंह' शामिल होंगे। उनके अलावा जिले के सांसद व विधायकगण और अन्य बीजेपी नेता भी आएंगे। आयोजन में आस-पास के जिलों से संघ व बीजेपी से जुड़े लोगों के आने की भी बातें कही जा रही हैं।


सियासी जानकार कहते हैं कि संघ 2019 के पहले विपक्षी पार्टियों की एकता के संभावित खतरे को देखते हुए सक्रिय हो गया है। उसने खुद ही कमान संभाल ली है और संघ चुनावों को लेकर अपनी अलग ही रणनीति पर काम कर रहा है। संघ किसी भी हाल में काफी सालों बाद मिली देश की सत्ता हाथ से जाने देने के मूड में नहीं। संघ की अपनी एक सोची-समझी रणनीति होती है और वह उसी के आधार पर चलता है। 2014 का लोकसभा चुनाव हो या यूपी विधानसभा का 2017 चुनाव, संध की सधी हुई रणनीति का ही नतीजा था कि बीजेपी ने अभूतपूर्व विजय हासिल की।
By Mahesh Jaiswal