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बेटे ने दो लाख में किया पिता की हत्या का सौदा, सौतेली मां के साथ रची हत्या की साजिश

कर्जदार बेटा पिता की जमीन बेचकर शौक-मौज करना चाहता था। वहीं दूसरी पत्नी अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी। इन दोनों के बीच रोड़ा बन रहे गांव अजान के एक व्यक्ति की सगे बेटे और दूसरी पत्नी ने हत्या करा दी।
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भरतपुर

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kamlesh sharma

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Updated: 21 Feb 2023, 1:45 PM IST

bharatpur a man murder case update news

भरतपुर। कर्जदार बेटा पिता की जमीन बेचकर शौक-मौज करना चाहता था। वहीं दूसरी पत्नी अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी। इन दोनों के बीच रोड़ा बन रहे गांव अजान के एक व्यक्ति की सगे बेटे और दूसरी पत्नी ने हत्या करा दी। पिता की हत्या का सौदा बेटे ने दो लाख रुपए में किया। शव का अंतिम संस्कार होने के समय पहुंची पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो पांच दिन में घटना का पर्दाफाश कर सगे बेटे, मृतक की दूसरी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि 15 फरवरी को गांव अजान में एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना पर पुलिस पहुंची और अंतिम संस्कार होने से पहले मृतक नाथूराम उर्फ नत्थी के शव को कब्जे में लेकर संदेह होने पर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के पुत्र दीपक ने रिपोर्ट दी थी कि 15 फरवरी को सुबह 9 बजे सूचना मिली कि उसके पिता का शव बदले के खेत के पास नहर के किनारे पड़ा है।

रिपोर्ट में अज्ञात व्यक्ति पर हत्या करने का आरोप लगाया। इसमें गर्दन पर निशान होना भी बताया। इस पर एएसपी उपाध्याय के नेतृत्व में थाना प्रभारी महेन्द्र कुमार राठी ने घटना का खुलासा किया। पुलिस ने हत्या के आरोपी मृतक के बेटे दीपक (22), नाथूराम, रनिया (35) पत्नी नाथूराम निवासी बड़ा नगला अजान तथा रनिया के प्रेमी सुखवीर उर्फ सुक्खी (25) पुत्र बदन सिंह निवासी छोटा नगला अजान को गिरफ्तार किया है।

बेटा बेचना चाहता था खेत, दूसरी पत्नी चाहती थी प्रेमी का साथ
पुलिस ने इस मामले में गोपनीय तरीके से अनुसंधान किया। इसमें सामने आया कि मृतक की दूसरी पत्नी रनिया के गांव अजान के ही अपनी बहन के देवर से अवैध संबंध थे। इसको लेकर मृतक एवं रनिया के बीच आए दिन झगड़ा होता था। इसके अलावा मृतक की पहली पत्नी के पुत्र दीपक पर शौक-मौज के चलते कर्ज हो गया था और वह मृतक पर जमीन बेचकर अपना कर्ज चुकाने का दवाब बनाता था।

बेटे एवं पहली पत्नी से मृतक के आए दिन झगड़े होने से दीपक एवं रनियां के बीच भी नजदीकियां बढऩे लगीं। संदेह होने पर पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया कि मृतक की दूसरी पत्नी रनिया के अपने प्रेमी सुखवीर सिंह उर्फ सुक्खी से मिलने में रोड़ा बनने एवं दीपक ने कर्ज से परेशान होकर नाथूराम की हत्या की साजिश रची। इसमें सुखवीर सिंह भी शामिल रहा। मृतक के बेटे दीपक ने अपने गांव अजान के रिश्तेदार को अपने पिता की हत्या करने के लिए दो लाख रुपए में सौदा किया।

इसके लिए एक लाख का कर्जा लिया तथा 20 हजार में अपनी पत्नी का मंगल सूत्र बेचा तथा 10 हजार रुपए सौतेली मां रनिया से लेकर दिए। इसके बाद दीपक का रिश्तेदार नाथूराम उर्फ नत्थी को अपने साथ ले गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

इसके बाद शव को सुनसान जगह नहर के किनारे डालकर मृतक के पुत्र दीपक को सूचना दी। इस पर दीपक ने भी उसकी हत्या की खबर रनिया को फोन पर दी। खास बात यह है कि राहगीर से मिली सूचना के आधार पर ही आरोपी सुबूत मिटाने के लिए उसका दाह संस्कार करने लगे। इसके लिए पुलिस को सूचना तक नहीं दी।