भरतपुर। पिछले पांच साल से एक बहन रक्षाबंधन पर राखी तो खरीदती रही, लेकिन उसे जिस भाई की कलाई पर बांधना था, उसे परिवार मृत मान चुका था। ऐसे में बहन हर साल भाई की तस्वीर पर राखी बांधती थी। जब पता चला कि भाई जिंदा है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस बार रक्षाबंधन पर वह भाई की कलाई पर राखी बांध सकेगी। गुरुवार को भरतपुर के अपना घर आश्रम में भाई-बहन का मिलन हुआ तो दोनों की आंखें भर आई।