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निजी बस चालकों की गुहार, टैक्स माफ कर दो सरकार

- मुख्यमंत्री के नाम लिखा पत्र
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निजी बस चालकों की गुहार, टैक्स माफ कर दो सरकार

निजी बस चालकों की गुहार, टैक्स माफ कर दो सरकार

भरतपुर. कोरोना काल में पटरी से उतरे निजी बसों के चक्करों के चलते चरमराए आर्थिक ढांचे को मजबूती देने के लिए लोक परिवहन संचालकों ने सीएम को पत्र लिखकर तीन साल का टैक्स माफ करने के साथ आर्थिक पैकेज के जरिए राहत देने की मांग की है।
लोक परिवहन संचालकों ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष के प्रारंभ से अब तक कोरोना संक्रमण महामारी के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य में वायुयान एवं एरेल यान के साथ हमारी स्टेज कैरिज की यात्री बसें पूर्ण रूप से प्रभावित हुई हैं। यात्री भार के अभाव में गत वर्ष से अब तक हमारी बसें खड़ी हुई हैं। कुछ बसें ही चल पाई हैं, वह भी घाटे में रही हैं। मार्ग पर यात्री नहीं है। राज्य में शादी, बारात, बुकिंग पार्टी, पर्यटक, स्कूल-कॉलेज, फैक्ट्री, संस्थान एवं अस्पताल आदि कार्य के लिए आने-जाने वाले यात्रियों का भारी अभाव रहा है। परिवहन विभाग का टैक्स भी कर्जा करके जमा कराया है। इंश्योरेंस का रुपया भी बर्बाद हुआ है। बस मालिकों पर टैक्स, इंश्योरेंस, टायर मेंटेनेंस, चालक-परिचालकों की तनख्वाह आदि का कर्ज चढ़ चुका है। अब कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। भविष्य में भी अभी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। सरकार राजस्थान रोडवेज को बचाने के लिए करोड़ों रुपए महीना देकर जीवन दान देती है। अबकी बार निजी बस ऑपरेटरों को जीवन दान देने की जरूरत है। कर्जे के कारण राज्य के कई बस ऑपरेटर भगवान को प्यारे हो गए हैं। आगे भी इसकी आशंका प्रबल है। वर्तमान में भी कोरोना कफ्र्यू की घोषणा कर सभी प्रकार के व्यवसाय को धारा 144 के तहत बंद किया गया है। कोरोना कफ्र्यू के कारण राजस्थान का संपूर्ण बस संचालन बंद हो गया है। इसकी सूचना संबधित आरटीओ कार्यालय को भेजी जा चुकी है। वर्तमान में राजस्थान में बसों का संचालन पूर्णतया बंद है। ऐसे में सभी प्रकार की स्टेज कैरिज की यात्री बसों का भी 3 वर्ष का पूर्णतया मोटर वाहन टैक्स भी नई बसों के समान पूर्ण माफ करने एवं बस संचालकों को आर्थिक पैकेज प्रदान किया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो राज्य से स्टेज कैरिज वाहन संचालक लुप्त हो जाएंगे। पत्र लिखने वालों में लोक परिवहन संचालक सतीश चतुर्वेदी, सुनील कुमार, दिनेश चंद, महेश चंद, रघुनंदन, गौरव, जगराम, विशाल गर्ग, गुमान सालबाद एवं चतरू आदि शामिल रहे।

इनका कहना है

अभी प्रदेश कोराना महामारी और ब्लैक फंगज जैसी बीमारियों से जूझ रहा है। ऐसे में सभी लोग सरकार से राहत की उम्मीद लगाकर बैठे हैं।

- दीपक मुदगल, पूर्व संयोजक और निजी सलाहकार राजस्थान लोक परिवहन बस सेवा भरतपुर

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