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सीएम भजनलाल शर्मा के क्षेत्र में भी रात 10 से 5 बजे तक बिजली, ठंड में सिंचाई करने को मजबूर किसान

मतदाता के मूढ ने सत्ता तो पलट दी है, लेकिन किसानों की किस्मत अभी पलटा नहीं ले रही है। सर्द रात में 9 डिग्री तापमान के बीच किसान अब भी पानी में खड़ा होकर फसलों की सिंचाई कर रहा है।
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मतदाता के मूढ ने सत्ता तो पलट दी है, लेकिन किसानों की किस्मत अभी पलटा नहीं ले रही है। सर्द रात में 9 डिग्री तापमान के बीच किसान अब भी पानी में खड़ा होकर फसलों की सिंचाई कर रहा है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी किसान कडकड़ाती ठंड में खेतों में पानी दे रहे हैं। इसकी वजह यह है कि विद्युत निगम की ओर से अब अभी रात 10 से सुबह 5 बजे तक बिजली दी जा रही है।

किसानों ने बताया कि यह समय फसलों की सिंचाई का है, लेकिन सिंचाई के लिए बिजली रात के समय ही मिल रही है। फसलों को बचाने के लिए किसान रात-रातभर जागकर तेज सर्दी में सिंचाई करने को विवश हैं। किसान कई बार विद्युत निगम ने दिन में बिजली देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है। विद्युत निगम का दावा है कि जहां बिजली तंत्र मजबूत है वहां बेहतर बिजली दी जा रही है और जहां तंत्र कमजोर है वहां बिजली दो ब्लॉक में ही बिजली दी जा रही है।

यह हैं मुख्यमंत्री के क्षेत्र के हाल
नदबई विधानसभा के क्षेत्र महुआ व आसपास के गांव के बिजली कनेक्शन धाधोली गांव के जीएसएस से स्वीकृत हैं, लेकिन इस सप्लाई को काटकर उसे बांसी के जीएसएस से जोड़ दिया है। बांसी फीडर में ग्राम महुआ, बांसी खुर्द, बसुआ, टाडा एवं धानौता समेत छह गांव आते हैं। इस लाइन पर ओावरलोड होने के कारण वोल्टेज कम आते हैं। अब यहां गावों में रात 10 से सुबह 5 बजे तक बिजली सप्लाई दी जा रही है। इससे किसानों को तेज सर्दी में रात को सिंचाई करनी पड़ रही है। इस मामले में निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोड अधिक होने के कारण रात को सप्लाई दी जा रही है। इस संबंध में एक्सईएन दुष्यन्त से बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

दावे कुछ, हकीकत कुछ
जिले में बिजली के हाल खराब नजर आ रहे हैं। इससे इतर विद्युत निगम अलग ही दावे कर रहा है। आलम यह है कि निगम के दावे तो मजबूत हैं, लेकिन बिजली तंत्र कतई कमजोर नजर आ रहा है। विद्युत निगम का दावा है कि दिन में छह घंटे थ्री फेस और 20 से 22 घंटे सिंगल फेस बिजली दी जा रही है। इसके अलावा रात के समय थ्री फेस साढ़े छह घंटे बिजली दी जा रही है, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट इससे अलग नजर आ रही है। आलम यह है कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली सिर्फ रात के समय ही मिल रही है।

यह बोले किसान
किसानों को की जा रही विद्युत सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह से फेल है। किसान को बमुश्किल दो से तीन घंटे बिजली मिल रही है वह भी रुक-रुक कर।
रामकिशन डोई, किसान ताजपुर


किसान की सिंचाई अधूरी पड़ी है। दिनभर खेत में इंतजार करना पड़ रहा है। बिजली आती नहीं है। रात को सप्लाई की जाती है, जिससे किसान बीमार पड़ रहे हैं। साथ ही रात को विषैले कीड़ों का भय भी सताता रहता है।
महेंद्र सिंह डागुर, किसान हतीजर

इनका कहना है
दिन में छह घंटे और रात के समय साढ़े छह घंटे बिजली थ्री फेस दी जा रही है। साथ ही सिंगल फेस बिजली 20 से 22 घंटे दी जा रही है। तंत्र के मजबूत और कमजोर के हिसाब से बिजली ब्लॉक में दी जा रही है।
बी.एल. वर्मा, एसई विद्युत निगम भरतपुर

भुसावर : कटौती से किसान परेशान
किसानों ने बताया कि गांव में कृषि कार्य के लिए थ्री फेस बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण किसान खेतों में उगी फसल सरसों एवं गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। रात के समय इन दिनों सर्दी के समय पर खेती की सिंचाई करते समय जंगली जानवरों या जहरीले कीट पतंगों का भी सामना कर पड़ रहा है।

वैर : खेतों में उतर आते हैं जंगली जानवर
किसानों को 6 घंटे बिजली भी नहीं मिल पा रही है, जो मिल रही है वह भी टुकडों में दिन-रात दी जा रही है। इससे किसान को रात-दिन खेतों पर रहना पड़ रहा है। वैर भुसावर क्षेत्र के लखनपुर, वैर, बल्लभगढ़, निठार, मैनापुरा एवं रणधीरगढ आदि बिजली घरों पर रात में ही बिजली दी जा रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण जंगली जानवर रात को खेतों में उतर आते हैं।

कामां : नहीं मिल रही पर्याप्त बिजली
रबी फसल की सिंचाई के लिए क्षेत्र के किसानों को दिन के समय छह घंटे बिजली भी लगातार नहीं मिल रही है। इससे किसानों में जयपुर डिस्कॉम व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ रोष है। कई फीडरों को जयपुर डिस्कॉम ने लोड सेंटिग के चलते रात्रि 10 बजे से 2 बजे तक थ्री फेस बिजली आती है और सिंगल फेस की बिजली कुछ समय रात को आती है।

डीग : 4 से 6 घंटे ही बिजली
ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में बड़े पैमाने पर हो रही कटौती के बीच कम वोल्टेज की समस्या फसलों की सिंचाई में बाधा बन रही है। स्थिति यह है कि कई गांवों में 24 घंटे में सिर्फ 6 से 8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वहीं कई गांवों में महज 4 से 6 घंटे तक ही सप्लाई दी जा रही है। ऐसे में खेतों में सीजन की फसलों की सिंचाई तक नहीं हो पा रही है।

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विद्युत निगम की ओर से किसानों को थ्री फेस की सप्लाई सुबह 5 से 11 व दूसरी शिफ्ट 12 से 6 बजे तक की जा रही है, लेकिन किसानों को सप्लाई लगातार नहीं मिल रही। आलम यह है कि आधा घंटे लाइट आती है और 2 घंटे के लिए गुल हो जाती है। किसानों को दी जाने वाली बिजली की पूर्ति नहीं हो पा रही।

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