यहां पारंपरिक खेलों जैसे रस्साकस्सी, कबड्डी, मटका दौड़, नींबू चम्मच दौड़ और बोरी दौड़ के आयोजन किए जाएंगे। इसके बाद डीग महल में मेहंदी, रंगोली, चित्रकला और मूंछ प्रतियोगिता होगी, जिससे पारंपरिक कलाओं को मंच मिलेगा। शाम को डीग महल के रंगीन फव्वारे चलेंगे। ब्रज की लोकसंस्कृति को समर्पित विभिन्न प्रस्तुतियां जैसे कच्छी घोड़ी, मयूर नृत्य, कालबेलिया नृत्य, ढोला वादन और बहरूपिया कला प्रदर्शित की जाएंगी।