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काउंसलिंग का दूसरा चरण शुरू : इंजीनियर बनके बेरोजगार रहने से अच्छा हैं जॉब ओरिएंटेड कोर्स की पढ़ाई

इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का ग्राफ इस साल भी नहीं सुधर पाया। प्रदेश में इंजीनियरिंग के 45 कॉलेज हैं, जिनमें सिर्फ 30.57 फीसदी यानि 5664 दाखिले हुए। इस तरह 12865 सीटें रिक्त रह गई।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 11 Aug 2018, 11:22 PM IST

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काउंसलिंग का दूसरा चरण शुरू : इंजीनियर बनके बेरोजगार रहने से अच्छा हैं जॉब ओरिएंटेड कोर्स की पढ़ाई

भिलाई. इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का ग्राफ इस साल भी नहीं सुधर पाया। प्रदेश में इंजीनियरिंग के 45 कॉलेज हैं, जिनमें सिर्फ 30.57 फीसदी यानि 5664 दाखिले हुए। इस तरह 12865 सीटें रिक्त रह गई। यह आंकड़े कॉलेज लेवल काउंसलिंग के प्रथम चरण पूरा होने के बाद सामने आए हैं। कॉलेज लेवल काउंसलिंग में शामिल होकर इंजीनियरिंग में 589 छात्रों ने प्रवेश लिया, जबकि डीवीसी कराने वालों की संख्या इतनी तीन गुना थी। मतलब, दो तिहाई छात्रों ने ब्रांच और कॉलेज बदले। मुख्य काउंसलिंग के तीन चरण पूरे होने तक 5075 छात्रों ने प्रवेश लिया। इस तरह रिक्त सीटों पर कॉलेज लेवल काउंसलिंग से सिर्फ 5 फीसदी ही विद्यार्थी बढ़ पाए।

कॉलेज लेवल का दूसरा चरण शुरू
इंजीनियरिंग सहित तमाम कोर्स के लिए कॉलेज लेवल की काउंसलिंग का दूसरा चरण शनिवार से शुरू हो गया है। अब तकनीकी शिक्षा संचालनालय १५ अगस्त को काउंसलिंग समाप्त करेगा। विभाग स्वतंत्रता दिवस के दिन भी काम करेगा, इसी तरह प्रवेश देने कॉलेज भी खुलेे रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के तहत 15 अगस्त ही प्रवेश देने की अंतिम तिथि है, यानि इसके बाद प्रवेश पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। इसलिए यदि आपने भी अब तक तकनीकी कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया है तो आपके पास अब सिर्फ ४ दिन ही शेष बचे हैं।

सबसे बेहतर रहा फार्मेसी में प्रवेश
इस साल सबसे अधिक प्रवेश बी और डी फार्मेसी में हुए। मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के ३५ फार्मेसी कॉलेज में २४१८ सीटे हैं, जिनमें से तीनों चरण की मुख्य काउंसलिंग के बाद १६९७ सीटें भर गईं। कॉलेज लेवल की काउंसलिंग में ४९७ विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। इस तरह कुल २१९४ यानि ९०.७४ फीसदी प्रवेश संपन्न हुए। विशेषज्ञों के मुताबिक दूसरे चरण की आइएल में रिक्त बची २२४ सीटें भी भरेंगी।

छात्रों ने नकार दिया आर्किटेक्चर
इंजीनियरिंग के बाद अब छात्रों ने आर्किटेक्चर से जुड़े कोर्स को भी नकार दिया है। प्रदेश में डिप्लोमा आर्किटेक्चर सिर्फ एक कॉलेज में संचालित है। यहां की ३२ सीटों में से मुख्य काउंसलिंग सिर्फ २ ही भर पाईं, जबकि कॉलेज लेवल की काउंसलिंग में दो दाखिले ही हुए। इस तरह कॉलेज में इस साल सिर्फ ४ छात्र पढ़ेंगे। इसी तरह बीआर्क के ३ कॉलेजों में तो आइएल से एक भी प्रवेश नहीं हुआ। इस स्थिति में कॉलेज संचालकों के सामने बड़ी चुनौति खड़ी हो गई है।

15 अगस्त को काउंसलिंग समाप्त

एके गर्ग, काउंसलिंग प्रभारी, डीटीई ने बताया कि कॉलेज लेवल काउंसलिंग के प्रथम चरण में सभी कोर्स को मिलाकर १६७७ प्रवेश हुए है। शनिवार से दूसरे चरण की भी शुरुआत हो गई है, 15 अगस्त को काउंसलिंग समाप्त होगी।

जानिए किस कोर्स में कितना प्रवेश
कोर्स - सीएलसी प्रवेश - कुल प्रवेश - रिक्त सीट
बीई - ५८९ - ५६६४ - १२८६५
पॉलीटेक्निक- २७४ - ४१९४ - ६२२४
डि. आर्क - २ - ४ - २८
बी,डी, फार्म - ४९७ - २१०४ - २२४
एमटेक - ४२ - ४३६ - १२५३
एमबीए - ३१ - ४६९ - ९३५
एमसीए - २ - ७१ - ३८७
बीई, लेट. - ८३ - ८०८ - २८५५
बी.आर्क - ० - १४ - १०६