
ammunition Case in bhilwara
भीलवाड़ा।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या तीन में सोमवार को बहुचर्चित बारूद प्रकरण में भीलवाड़ा की तत्कालीन जिला कलक्टर मंजू राजपाल के बयान कलमबद्ध हुए। कलक्टर राजपाल ने मामले में अभियोजन स्वीकृति दी थी।
अपर लोक अभियोजक श्यामलाल गुर्जर के अनुसार मध्यप्रदेश की सागर पुलिस अधीक्षक ने 21 जुलाई 2010 को बारूद से भरे 26 ट्रकों के गुपचुप रूप से भीलवाड़ा खाली होने का खुलासा करते स्थानीय पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा था। उसके बाद पुलिस महकमा हरकत में आया। पत्र में उल्लेख किया कि जयकिशन आसवानी ने गणेश एक्सप्लोजिव मेगजीन के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर धौलपुर और हैदराबाद से 60 ट्रक बारूद प्राप्त किया। इनमें 26 ट्रक भीलवाड़ा, 32 ट्रक अहमदनगर व 2 ट्रक ब्यावरा राजगढ़ भेजे गए।
इस मामले में सागर जिले की बहेरिया थाना पुलिस ने अवैध व्यापार का मामला दर्ज किया था। यह बारूद भीलवाड़ा को भेजा गया। भीलवाड़ा पुलिस ने मामले की जांच की तो अवैध रूप से मैगजीन में बारूद खाली होने का पता चला। इस पर दीपा हेड़ा व उसके पति शिवचरण हेड़ा समेत कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस मामले में तत्कालीन जिला कलक्टर मंजू राजपाल ने अभियोजन स्वीकृति दी थी। इस पर अदालत ने उनको बयान देने के लिए बुलाया था। इस पर राजपाल के बयान दर्ज हुए।
मांडल तालाब से मिट्टी दोहता ट्रेक्टर जब्त
मांडल. प्रदेश में अपनी श्रेणी में सबसे बड़े मांडल तालाब से न्यायालय की रोक बावजूद मिट्टी दोहन करने पर सोमवार को पुलिस ने एक ट्रेक्टर को जब्त कर थाने में खड़ा करवाया। तहसीलदार अजित सिंह ने बताया कि मुखबिर से मांडल तालाब में मिट्टी दोहने की शिकायत मिली। पुलिस व प्रशासन ने गिरदावर अब्दुल रशीद पठान के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम भेज दबिश दी। मौके पर तीन-चार ट्रेक्टरों में मिट्टी भरी जा रही थी। टीम को देख ट्रेक्टर चालक भाग गए। टीम ने मौके से एक ट्रेक्टर को जब्त किया।
Published on:
25 Jun 2018 09:59 pm
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