यहां पर्यटक स्थलों पर फेंके जाने वाली प्लास्टिक की बोतलों को खरीदकर उसका फायबर बनाया जाता है। प्लांट में देशभर से आने वाली करीब 220 टन प्लास्टिक बोतलों को प्रतिदिन काम में लिया जा रहा है। प्लांट में बोतलों को डालने के साथ उसे धुलाई करने, बोतल पर लगे लेबल हटाने, उसमें से कचरा साफ करने के साथ उसके ढक्कन को भी क्रैश कर अलग किया जाता है। मशीन से सफेद व अन्य रंगों की टुकड़ों को अलग-अलग करने के बाद उससे अंतिम बार मिट्टी या अन्य कणों से बाहर निकाला जाता है।