सुरेश जैन
Ayodhya Ram Mandir : घटना 12 मार्च 1991 की है, जब पूरे देश की तरह भीलवाड़ा में भी अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर कारसेवक रैली निकालने की तैयारी कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग सांगानेरी गेट पर एकत्र थे। कारसेवक रैली कलक्ट्रेट तक निकालना चाह रहे थे। पुलिस-प्रशासन को इससे ऐतराज था। इसी दौरान कारसेवकों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने गोलियां चला दी। इसमें भीलवाड़ा निवासी कारसेवक सुरेश जैन व शाहपुरा जिले के खामोर निवासी रतनलाल सेन शहीद हो गए। भीलवाड़ा में कर्फ्यू लगा दिया गया। शहीदों के परिजन उस दिन की घटना याद करके ही सहम जाते हैं, लेकिन अयोध्या में 22 जनवरी को श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का न्योता मिलने से उत्साहित हैं। दोनों शहीदों के परिवारों को अनौपचारिक न्योता मिल चुका है। औपचारिक रविवार तक मिलेगा। सांगोनरी गेट में दोनों कारसेवकों की याद में स्मारक बनाया गया है।