
flag stone break case in bhilwara
कोटड़ी।
चारभुजा मंदिर परिसर में अब सामाजिक एवं राजनीतिक बैठकें नहीं होगी, साथ ही मंदिर परिसर में व्यक्ति विशेष के नाम की पट्टिका या किसी समाज के नामकरण की पट्टिका नहीं लगाई जाएगी। शनिवार को कस्बेवासियों द्वारा बाजार में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने की घोषणा के बाद कस्बा दिन भर पूर्णतया बंद रहा। चारभुजा मंदिर में कस्बावासियों एवं मन्दिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने एकत्रित होकर बैठक की। बैठक में आम चौखला सर्व समाज के लोगों ने कहा कि चारभुजानाथ मंदिर सर्वसमाज का होकर सभी के लिए है। चारभुजा नाथ ? मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए गुर्जर समाज को चिट्ठी पाती दी। जिस पर गुर्जर समाज ने 20 वर्षो की कड़ी मेहनत के बाद भव्य मंदिर बनाया जो एक अनुकरणीय उदाहरण है। चारभुजा नाथ के मंदिर में सभी की गहरी आस्था प्रकट करते हुए गुर्जर समाज द्वारा 20 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद बनाए गए भव्य मंदिर की सराहना की।
बैठक में सर्वसम्मति से चार निर्णय लिए जो यह है कि चारभुजा मंदिर में किसी के नामकरण या व्यक्ति विशेष के नाम की नामकरण पट्टिका या शिलालेख नहीं लगाई जाएगी। मंदिर परिसर में सामाजिक एवं राजनीतिक मीटिंग आयोजित नहीं की जाएगी। भविष्य में नव निर्माण एवं जीर्णोद्धार की दशा में भी किसी व्यक्ति विशेष का नामकरण या पट्टिका नहीं लगाई जाएगी। मंदिर परिसर में किसी व्यक्ति द्वारा दान की गई वस्तु पर भी नामकरण नहीं किया जाएगा। बैठक में सर्व समाज आम चौखला के सभी भक्तों लोगों ने मिलकर निर्णय लिए।
बैठक के निर्णय से प्रशासन को कराया अवगत
साथ ही बैठक के निर्णय का ज्ञापन प्रशासन को देने के लिए फैसला लिया। लोगों द्वारा चारभुजा मंदिर से ढोल नगाड़ों के साथ मुख्य बाजार होते हुए बस स्टैंड एवं कस्बे में जुलूस निकालकर उपखंड कार्यालय में एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे। सर्व समाज के लोगों एवं मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा शनिवार को बैठक में हुए निर्णय का ज्ञापन उपखंड अधिकारी उम्मेद सिंह राजावत को दिया गया एवं भविष्य में मंदिर परिसर में उक्त चारों बिंदु की पालना सुनिश्चित करने के लिए कहा। उधर गुर्जर समाज की बैठक तीन घण्टे देरी से दो बजे शुरू हुई।
Published on:
19 May 2018 04:20 pm
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