गौरतलब यह है कि शिक्षक तेजमल रेगर नें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान विद्यालय में बच्चों को दिया। उन्होंने कभी अपने घर पर बच्चों को ट्यूशन नहीं पढ़ाया। विद्यालय में पोषाहार प्रभारी रहकर बच्चों को गुणवत्ता से पोषाहार भी खिलाया। वहीं, प्रधानाचार्य हरिशंकर रेगर ने अपने 1 साल के कार्यकाल में कई नवाचार किए हैं।