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उत्तम तप धर्म की आराधना की पूजा

दिगम्बर जैन समाज के दशलक्षण पर्व
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

•

Updated: 30 Aug 2020, 4:02 AM IST

uttam tap dharm kee aaraadhana kee pooja in bhilwara

uttam tap dharm kee aaraadhana kee pooja in bhilwara

भीलवाड़ा।
दशलक्षण पर्व के सातवे दिन उत्तम तप धर्म की आराधना की गई। इच्छाओं का निरोध करना एवं आत्म स्वरूप में लीनता लाना ही तप है। तप के साथ लगा उत्तम शब्द सम्यक दर्शन का प्रतीक है। जिनागम के अनुसार बिना सम्यक दर्शन के करोड़ों वर्ष तक किया गया तप भी बोधि लाभ या मोक्ष को प्राप्त नहीं करवा सकता है। व्यक्ति की मानसिक इच्छाए सांसारिक बाहरी पदार्थों में चक्कर लगाया करती हैं। अथवा शरीर के सुख साधनों में केन्द्रित रहती हैं। शरीर को प्रमादी न बनने देने के लिए बहिरंग तप किए जाते हैं और मन की वृत्ति आत्म.मुख करने के लिये अन्तरंग तपों का विधान किया गया है। उपवास के लिए घर, व्यापार के कार्यों का त्याग, पाँचों इन्द्रियों के विषयों का त्याग तथा क्रोधादि कषाय कलुषित भावों का त्याग होना आवश्यक है। यानी-उस दिन अपने परिणाम शांत नियंत्रित रखें और सामायिक, स्वाध्याय आदि धर्म साधन के कार्य करता रहे। कोई सांसारिक कार्य न करे। यदि विषय और कषाय का त्याग न किया जाए तो वह उपवास नहीं है, वह तो केवल लंघन समझना चाहिए।
आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि कोरोना काल के चलते मंदिर में अभिषेक के समय केवल 5 व्यक्तियों को प्रवेश दिया जा रहा है। शनिवार को शांता व सुशीला बहन की ओर से शांतिधारा की गई। शांतिधारा कर्ताओं को चांदी का मंगल कलश भेट किया गया। शाम को महेन्द्र, सुमन, विपिन, मुदृला, रागांश सेठी ने भक्तामर आरती की।
बापू नगर स्थित पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम तप की आराधना की गई। प्रतिमाओं पर अभिषेक के बाद पूनम चंद सेठी ने शांति धारा का पाठ करते हुए पदमप्रभु भगवान पर अभिषेक व शांतिधारा प्रभाचंद, विवेक बाकलीवाल एवं सुरेंद्र कुमार, मयूर कुमार, मोहित कुमार शाह ने की।

नवकार महामंत्र जाप आज
भीलवाड़ा .साध्वी यश कवर की स्मृति में शांति भवन में साध्वी मैना कंवर के सानिध्य में रविवार सुबह ९ से १० बजे तक नवकार महामंत्र का जाप होगा। यह जानकारी शांति भवन संघ मंत्री सुरेन्द्र सिंह चौधरी ने दी।

ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता में पोखरना प्रथम, आंचलिया द्वितीय
भीलवाड़ा . श्री शांति जैन महिला मंडल की ओर से ऑनलाइन प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया। इसमें स्वाध्याय संघ के संस्थापक पन्नालाल के जन्म शताब्दी के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शांति जैन महिला मंडल की अध्यक्ष बसंता डांगी ने बताया निबंध में 5 मुख्य बिंदु मौलिकता प्रस्तुतीकरण, काव्यालंकार, भाषा स्तर व विषय वस्तु का प्रमुख ध्यान रखा गया। मंडल की मंत्री कनकावती चंडालिया एवं प्रतियोगिता संयोजक सुशीला दुग्गड ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम अरुणा पोखरना, द्वितीय पायला आचलीया, तृतीय उर्मिला बागरेचा रही। सांत्वना में मीनाक्षी डागा, मंजू डांगी, नेहा छाजेड़ रही। प्रतियोगिता में गरिमा रांका, नेहा बोथरा, राखी खमेसरा, शिमला जैन, मंजु बाबेल, अलका बंब रही।