
मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से दो साल से घर से लापता हुई किशोरी को पुलिस व स्वयं सेवी संगठन के प्रयासों से शनिवार को उसके परिजनों से मिला दिया।
भीलवाड़ा।
मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से दो साल से घर से लापता हुई किशोरी को आखिरकार पुलिस व स्वयं सेवी संगठन के प्रयासों से शनिवार को उसके परिजनों से मिला दिया। किशोरी और पिता को माला पहना कर विदा किया।
पुलिस उपाधीक्षक (शहर) राजेन्द्र त्यागी ने बताया कि भीलवाड़ा निवासी हुकुम चंद गर्ग की पुत्री संतोष की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। दो साल पूर्व घर से लापता हो गई। उसका अपना घर अजमेर में इलाज चल रहा था। अपना घर संचालक ने भीलवाड़ा पुलिस को संतोष के बारे में जानकारी दी। इस पर डीएसपी त्यागी और संस्कार निर्माण संस्था ने पिता की तलाश की। आखिरकार उसके पिता को तलाश लिया। सोशल मीडिया पर आए किशोरी के फोटो को उसके पिता हुकुमचंद को बताया। पिता ने पुत्री को पहचान लिया। इस पर संस्कार निर्माण संस्था के संरक्षक ईश्वर दत्त जोशी व सचिव मुरलीधरर महाराज व पवन शर्मा पिता को लेकर अजमेर गए और वहा से कागजी औपचारिकता के बाद किशोरी को भीलवाड़ा लेकर आए। वहां डीएसपी त्यागी और पार्षद मंजू पोखरना ने किशोरी को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया।
नहर के पानी पर विवाद, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
मंगरोप मेजा बांध से फसलों की सिंचाई के लिए छोड़े जा रहे पानी पर शनिवार को विवाद हो गया। हलेड़ सहित भोली व दांथल गांव से कई ग्रामीणों ने हलेड़ स्थित जल संसाधन विभाग कार्यालय पहुंच प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों द्वारा इन गांवों का पानी बंद कर रूपाहेली क्षेत्र के गांवों में पानी देने के विरोध किया है। मौके पर पहुंचे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात कर उनके हिस्से का पूरा पानी देने के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हए।
Published on:
11 Nov 2017 10:26 pm
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