108 सदस्यीय डमरू टीम के लीडर अर्जुन सोनी का कहना है कि करीब 6 साल पहले डमरू टीम बनाई थी। कीर्तन के दौरान अलग अंदाज में हम भगवान की स्तुति करते हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही हमारी टीम को अयोध्या में होने वाले समारोह का बुलावा आया तभी से हमारी टीम अभ्यास में जुट गई है। राजधानी भोपाल के घोड़ा नक्कास स्थित साहू समाज धर्मशाला में हमारी टीम अभ्यास करती है। टीम के 30 कलाकारों को डमरू और 1 को शृंगी बजाने की महारत है, जबकि वाद्य यंत्रों में 35 शंख, 30 डमरू, 35 झांझ-मंजीरे, एक पुनेरी ढोल, 60 इंच का एक नगाड़ा, एक थाल घंटा, 4 छोटे ढोल, 4 डंडों में पिरोए हुए 2 हजार घुंघरू शामिल हैं।