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29 पेंटिंग्स में 21 कलाकारों ने दिखाई नारी शक्ति की कहानी

वुमन्स डे थीम पर कादम्बिनी पेंटिंग एग्जीबिशन का आयोजन

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29 पेंटिंग्स में 21 कलाकारों ने दिखाई नारी शक्ति की कहानी

भोपाल। वुमन्स डे के उपलक्ष्य में एमपी नगर स्थित एक मॉल में कादम्बिनी पेंटिंग एग्जीबिशन का आयोजन किया जा रहा है। एग्जीबिशन में करण सिंह ने सिख एंपायर की रानी का फोटो एक्रेलिक ऑन कैनवास पर तैयार किया है। करण का कहना है कि इस पेंटिंग के माध्यम से मैंने यह बताने का प्रयास किया है कि महिला हमेशा से सशक्त रही हैं।

रानी दिलीप सिंह अपनी खूबसूरती और ग्लैमर के लिए जानी जाती थी। वे सबसे ताकतवार रानी के रूप में भी प्रसिद्ध थीं। वहीं, पेश से आर्किटेक्टर प्राची नावले ने पेंटिंग के माध्यम से औरत के नेचर को प्रदर्शित किया है। पेंटिंग में दिखाया गया कि महिला अपने भावों को आंखों के जरिए एक्सप्रेस करती है। उसमें ममता-करूणा है तो नेचर भी बसा है।

वह प्रकृति का ही एक रूप है। एक्रेलिक ऑन कैनवास पर तैयार पेंटिंग में उन्होंने आंखों के ग्रीन शेड के माध्यम से अपनी भावनाओं को एक्सप्रेस किया है। एग्जीबिशन 10 मार्च तक चलेगी। विजिटर सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक इन्हें देख सकेंगे। एग्जीबिशन में 21 पेंटर्स की 29 पेंटिंग एग्जीबिट की गई है।

खाना बनाना भी खुशी की बात है
प्रभा मालवीय ने एक गृहणी की तस्वीर को अपने चित्र में उकेरा है, जो घर में खाना बनाने के दौरान भी खुश है। वो रोजाना बच्चों को नए-नए पकवान बनाकर खिलाती है, लेकिन वह नारी कभी उदास नहीं होती, बल्कि अपने इस काम को भी खुशी में तब्दील कर लेती है।


फ्रीडम और हैप्पीनेस का प्रतिक
भारती चौहान ने डांसिंग गर्ल की पेंटिंग तैयार की है। भारती का कहना है कि महिला को नृत्य करने का ऐसा शौक है कि नृत्य करते हुए उसके घुंघरू टूट भी गए लेकिन वह खुशी से नाच रही है। उसके मन में अपनी स्वतंत्रता का उत्साह है। वहीं, अकरिता दुबे ने डिज्नी कैरेक्टर पर पेंटिंग तैयार की है। जो घर में कैद है, लेकिन सपने देखती है। बाहर निकलने का सपना ही उसे खुशी देता है।

घूंघट में भी नारी खुश
11वीं कक्षा के स्टूडेंट राम खत्री ने एक राजस्थानी महिला को अपनी पेंटिंग में उकेरा है। गौरतलब है कि राजस्थान की परंपरा दुनिया भर में काफी लोकप्रिय है, जहां महिलाएं अक्सर घूंघट में ही होती हैं, लेकिन उस घूंघट के पीछे छुपे चेहरे में भी एक मुस्कुरहाट नारी की हर परिस्थिति में खुश रहने की हिम्मत को बयां करती है।