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Budget 2018: अभी-अभी सरकार की बड़ी घोषणा, आम आदमी को मिली बड़ी सौगात

इस बार देश का आम बजट मिडिल क्लास के लिए कई सौगात लेकर आया है। MP.PATRIKA.COM पर देखिए मध्यप्रदेश के लोगों को क्या मिला...।

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भोपाल

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Manish Geete

Feb 01, 2018

BUDGET

भोपाल। इस बार देश का आम बजट मिडिल क्लास के लिए कई सौगात लेकर आया है। प्रधानमंत्री मोदी के के इशारे पर इस बार के बजट में नौकरी पेशा लोगों के लिए भी अहम है।

गुरुवार को 11 बजे वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आम बजट पेश कर दिया। जैसा कि उम्मीद की जा रही थी कि इस बजट में मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों के भी प्रावधान किए गए हैं।

mp.patrika.com पर देखिए बजट का लाइव अपडेट...।

11.45 AM

-नई स्वस्थ्य सुरक्षा योजना शुरू होगी।

-सरकार द्वारा पोषित विश्व की सबसे बड़ी योजना।

-50 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।

-डेढ़ लाख स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे।

-रोगों की रोकथाम के लिए आयुष्मान भारत योजना।

-वित्त मंत्री ने कहा कि देश की अर्थ व्यवस्था पटरी पर है।

-नर्सरी से 12 तक समग्र शिक्षा की व्यवस्था होगी।

-उच्च शिक्षा के लिए भी फंडिंग की व्यवस्था होगी।

-देश के स्कूलों में ब्लैक बोर्ड की जगह डिजीटल बोर्ड लगेंगे।

-आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य स्कूल बनाए जाएंगे।

-वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा के विकास के लिए तकनीक जरूरी होती है।

11.34 Am

-22 हजार हाट कृषि बाजार में बदले जाएंगे।

-शहरी क्षेत्रों में 37 लाख मकानों को मदद दी गई।

-2022 तक हर गरीब का अपना घर होगा।

-4 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाई गई।

-2018 में भी ग्रामीण क्षेत्रों में 51 लाख घर बनाए जाएंगे।

-2017 में 51 लाख घर बनाए गए।

11. 30 AM

-आपरेशन ग्रीन की स्थापना होगी।

-42 मेगा फुटपाथ।

-माइक्रो इरिगेशन फंड बढ़ाया जाएगा।

11.25 AM

-बागवानी की फसलों पर छूट का प्रावधान।

-गरीब महिलाओं के लिए उज्जवला योजना।

-मछली पालन के लिए फंड को बढ़ाया जाएगा।

-पशुपालन के लिए भी फंड को बढ़ाया जाएगा।

-बागवानी की फसलों पर छूट का प्रावधान।

11.15 AM

-किसानों के लिए टैक्स व्यवस्था में बदलाव।

-ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का प्रसार।

-142 मेगा फूड पार्किंग विकसित किए जाएंगे।

-आर्गेनिक फार्मिग को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

-अप्रत्यक्ष कर दाताओं की संख्या 50 फीसदी बढ़ी।

11.12 AM

-जीएसटी से अप्रत्यक्ष कर में 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी।

-गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए आवासीय योजना।

-जीएसटी को आसान करने की कोशिश की जा रही है।

11.08AM

-अप्रत्यक्ष कर में बढ़ोत्तरी हुई है।

-वित्तमंत्री ने बताया कि नोटबंदी के बाद से करदाता बढ़े हैं और घरेलू बचत में तेजी आई है।

11.06 AM

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपना बजट भाषण शुरू किया। अरुण जेटली पांचवी बार बजट पेश कर रहे हैं।

11.05 Am

-अब मोदी सरकार अंतिम बजट पेश होने जा रहा है।

11.00 AM

-दिवंगत सांसद को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

-लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का उद्बोधन शुरू।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद भवन में मौजूद।

-10.45 वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद भवन पहुंच गए। सभी विपक्षी दल भी पहुंचे

यह भी उम्मीद
-जैसा कि नौकरीपेशा लोग इस सरकार से उम्मीद कर रहे थे कि सरकार टैक्स छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपए कर सकती है।
-यदि ऐसा हुआ तो तीन से पांच लाख रुपए की इनकम पर 5 प्रतिशत टैक्स लगा सकती है।
-पांच से 10 लाख रुपए तक कमाई पर बीस फीसदी टैक्स का अनुमान।
-इससे ऊपर कमाई वाले लोगों को तीस प्रतिशत का टैक्स लगाया जा सकता है।

75 लाख कर दाता कम हो जाएंगे
यह भी अनुमान लगाया गया है कि यदि सरकार बजट में आयकर की टैक्स छूट की सीमा 50 हजार रुपए बढ़ा देती है तो एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देश में से 75 लाख करदाता आयकर से बाहर हो जाएंगे। यानी इतने लोगों को टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इससे सरकार को 9 हजार करोड़ का नुकसान होगा। एक जानकारी के मुताबिक नोटबंदी के बाद हुई मशक्कत के बाद 18 लाख नए कर दाता जुड़ गए।

नोटबंदी के बाद से तमाम कोशिशों के बाद सरकार 18 लाख नए लोगों को आयकर के दायरे में लाने में कामयाब हो पाई. ऐसे में सरकार के मन में टैक्सपेयर्स की संख्या में कमी की चिंता जरूर होगी.


होम लोन लेने वालों के लिए भी ये प्रावधान
सरकार होम लोन लेने वालों के लिए भी यह बजट खास है। सूत्रों के अनुसार घर बनाने के लिए लोन लेने वालों के लिए सरकार बड़ी राहत लेकर आई है। क्योंकि मिडिल क्लास की निगाह भी इसलिए इस बजट पर लगी थी कि होम लोन पर डेढ़ लाख रुपए तक की मूल रकम और दो लाख रुपए तक दिए गए ब्याज यानी कुल साढ़े तीन लाख रुपए तक की छूट मिलती है।
-सूचना यह है कि ब्याज पर दो लाख रुपए की छूट को बढ़ाकर ढाई लाख किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो करीब 75 लाख लोगों को इसका लाभ होगा।

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मिडिकल क्लास की नजर पेट्रोल-डीजल पर
इस बजट पर मिडिल क्लास की निगाह इसलिए भी टिकी है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत में थोड़ी भी बढ़ोत्तरी होती है तो इसका सीधा असर मिडिल क्लास पर ही पड़ा है। फिलहाल मध्यप्रदेश में पेट्रोल 78 रुपए और डीजल 69 रुपए के आसपास है। जो अन्य प्रदेशों में सर्वाधिक है। पेट्रोल-डीजल के महंगे होने का कारण पर लगने वाला टैक्स है। यदि मोदी सरकार एक्साइज ड्यूटी में कमी कर देगी तो कीमतों में कमी नजर आने लगेगी।

मध्यप्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर किसानों को फायदा
उम्मीद यह भी की जा रही थी कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिक रकम का प्रावधान किया जाएगा। सस्ते कर्ज के लिए सब्सिडी का भी ऐलान संभव है। हरियाणा और मध्यप्रदेश की तरह ही किसानों को न्यूनतम सर्थन मूल्य से कम कीमत मिलने की स्थिति में मदद दी जा सकती है।


रेल बजट में मध्यप्रदेश को क्या?
मध्यप्रदेश के लोगों ने रेलवे बजट से भी काफी उम्मीदें लगा रखी हैं। जिस प्रकार हबीबगंज रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने की तैयारी की जा रही है उसी तरह अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाएं बढ़ाना चाहिए।

-तीन हजार रेलवे स्टेशनों पर एस्केलेटर लगाना चाहिए।
-एक हजार रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट की सुविधा।
-160-200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली ट्रेनें बढ़ाई जाए।