
नाती ने पत्तों से कलाकारी का सुझाव दिया तो नाना-नानी ने बना लिए कई रेकॉर्ड
शकील खान
भोपाल. राजधानी के एक सीनियर सिटीजन अनूठी कला के लिए जाने जाते हैं। अमरीकी पेड़ों की पत्तियों के जरिए इन्होंने कई अनोखी कलाकृतियां तैयार की हैं। इनकी कलाकृतियों को अब तक कई अवार्ड मिल चुके हैं। कला से जुडऩे की कहानी दिलचस्प है। करीब डेढ़ दशक पहले इनके नाती को स्कूल से पत्तियों के कलेक्शन का एक प्रोजेक्ट मिला था। इन्हें जमा करने में मदद के साथ इस कलाकारी की शुरुआत की थी। राजधानी के गोपाल कृष्ण बेरी 80 साल के हैं। भेल से रिटायर्ड हुए सालों हो गए। अमरीका के बोस्टन में बेटी के पास गए थे। वहां से लौटे तो साथ में थीं वहां के पेड़ों की सूटकेस भरकर पत्तियां। बेरी दंपती ने इन पत्तों पर कलाकारी के जरिए कई आकार दिए। वे बताते हैं कि पत्नी की रचनात्मकता और कुछ अलग करने की चाह के चलते इन पत्तों को ही कैनवास बनाया। अब तक हजारों कलाकृतियां बना चुके हैं। इनकी हर कला में कुछ न कुछ संदेश भी होता है। देश के कई हिस्सों में एग्जीबिशन भी लगा चुके हैं।
आर्ट को ही बनाया जीवन
बेरी दंपती ने बताया, वे अकेले रहते हैं। ऐसे में खाली समय में कलाकारी को ही पूरा समय दिया। पेड़ों को बचाने से लेकर समाज सुधार के कई विषयों को ये पत्तों पर कलाकारी के जरिए उठा चुके हैं।
गिफ्ट में आते हैं पत्ते
बेरी दंपती बताते हैं, जब भी उनकी बेटी अमरीका से आती है तो गिफ्ट में ये पत्ते साथ लेकर आती है। इस तरह से कलेक्शन बना हुआ है। इनमें ऐसा क्या खास है पूछने पर बेरी ने बताया कि सूखने के बाद भी इन पत्तों की रंगत और चमक नहीं बदलती। ऐसे में इनके जरिए जो भी कलाकृति बनती है वह चमकदार होती है। अपने देश की पत्तियों से भी कलाकृति बनाई हैं। यहां अधिकांश पेड़ों के पत्ते सूखने के बाद चमक खो देते हैं।
ये रेकॉर्ड हैं इनके नाम
लिम्का बुका ऑफ रेकॉर्ड
इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड
इंडियन सीनियर सिटीजन अवार्ड
स्टार 2020 वल्र्ड बुक लंदन सर्टिफिकेट
Updated on:
13 Sept 2021 12:43 am
Published on:
13 Sept 2021 12:43 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
