
भोपाल। Madhya Pradesh समेत कई राज्यों में एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इस बार नोटबंदी नहीं, कैशबंदी हो रही है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी कई ATM खाली हो गए हैं, लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। यदि ग्राहक पांच एटीएम पर जाएगा तो एक एटीएम पर कैश मिलने की संभावना रहती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश समेत गुजरात, बिहार, और उत्तरप्रदेश में नकदी का संकट पैदा हो गया है। भोपाल, लखनऊ, पटना और अहमदाबाद के एटीएम में पैसा ही नहीं है। इसके अलावा बैंकों को भी आरबीआई की तरफ से इतनी राशि जारी नहीं की गई है जिससे यह समस्या हल हो सके। कई बैंकों में भी रुपए नहीं पहुंचे हैं।
CM शिवराज सिंह बोले इसके पीछे साजिश
इधर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान आया है। उन्होंने प्रदेशभर से 2000 के नोट गायब होने के पीछे बड़ी साजिश बताया है। चौहान ने कहा कि उन्होंने इस बारे में केंद्र सरकार से बीत की है। चौहान ने कहा कि सरकार इस स्थिति से सख्ती से निपटेगी।
गायब हो रहे हैं 2000 के नोट
इधर, शाजापुर में किसानों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि नोटबंदी से पहले 15 लाख करोड़ की नकदी चलन में थी। बाद में यह बढ़कर 16 लाख 50 हजार करोड़ हो गई, लेकिन बाजार से 2000 का नोट गायब हो रहा है।
चौहान ने कहा कि लेकिन 2000 के नोट कहां जा रहे हैं कौन दबाकर रख रहा है। कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है। यह षड्यंत्र है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि दिक्कतें पैदा हों। इस स्थिति से सरकार सख्ती से निपटेगी।
वित्तमंत्री का बयान-कम निकाले पैसा
मंगलवार को प्रदेश में चल रही कैश की भारी किल्लत को लेकर मप्र के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने प्रदेशवासियों ने कैश कम निकालने की अपील की है। मलैया ने कहा कि RBI से नोट कम मिल रहे हैं। जो नोट मिल रहे हैं वे बढ़े नोट हैं। ऐसे में लोग ज्यादा निकासी से बचें।
प्रदेश सरकार आरबीआई और केंद्र सरकार से संपर्क बनाए हुए है। मलैया ने कहा कि मप्र के पास 15 लाख करोड़ रुपए कैश हैं जिसमें से 7 लाख करोड़ रुपए के नोट 2000 रुपए के हैं इस कारण भी एटीएम में कैश की समस्या आ रही है।
CM के गृह जिले से नकदी गायब
इधर, खबर है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले सीहोर के एटीएम से भी नकदी गायब है। लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
क्या कहते हैं अफसर
बैंक अफसरों का कहना है कि रिजर्व बैंक की ओर से नकदी का प्रवाह घटने की वजह से यह स्थिति बनी है। इसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी रिजर्व बैंक से संपर्क बनाए हुए हैं।
क्या कहते हैं ग्राहक
इधर, मंगलवार सुबह अरेरा कालोनी स्थित एटीएम से पैसा निकालने पहुंचे संतोष नायडू ने पत्रिका को बताया कि इस सेंटर पर तीन एटीएम लगे हैं, लेकिन पैसा एक में भी नहीं है। तीनों में बोर्ड लगा रखा है कि कैश नहीं है। यह स्थिति पिछले तीन दिनों से है।
इसके अलावा जवाहर चौक पर भी महेश साहू को चार एटीएम में चक्कर लगाना पड़ा। पहले वे एसबीआई के नए बने एटीएम में गए, उसके बाद एमएलए क्वार्टर स्थित एसबाईआ के एटीएम पर गए। जब वहां भी पैसा नहीं निकला तो पास ही कैनरा बैंक के एटीएम पर गए। साहू को तीन-तीन एटीएम के चक्कर काटने के बाद बमुश्किल दो हजार रुपए निकल। इसमें भी बड़े नोट नहीं निकले। उन्हों 200 रुपए के नोट मिले।
Published on:
17 Apr 2018, 2:52 PM IST
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