
3000 पेड़ सुखाए, अब रंग-रोगन से इन्हें छिपा रहे
भोपाल. डवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में जिन 3000 पेड़ों की जड़ें काटकर सुखा दिया था, अब उनका रंग-रोगन किया जा रहा है। ये कवायद स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के लिए की जा रही है। नगर निगम ने राजधानी में ऐसे 3000 सूखे पेड़ों की सूची बनाई है। इनमें से 700 पेड़ सड़क किनारे हैं। नगर निगम प्रशासन ने जोन स्तर पर सर्वे करवाकर सूखे पेड़ों को सूचीबद्ध किया है। शुरुआत में मुख्य मार्गों वाले पेड़ों को रंगा जा रहा है। शहर की सुंदरता को बिगाडऩे वाले ये सूखे पेड़ रंग-रोगन के बाद आकर्षक दिख रहे हैं। नगर निगम ने अभी तक सौ से अधिक पेड़ों का रंग-रोगन करवाया है।
प्रोजेक्ट की भेंट चढ़ रही हरियाली
राजधानी में हरियाली घट रही है। कई बड़े प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों को काटा जा रहा है। विकास कार्यों के दौरान पेड़ों की जड़ें काटे जाने से अधिकतर पेड़ सूख गए हैं। इससे शहर में सूखे पेड़ों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट, बीआरटीएस, अमृत प्रोजेक्ट की पाइप लाइन और सीवेज प्रोजेक्ट के दौरान की गई खुदाई में सड़क किनारे लगे हरे-भरे पेड़ों की जड़ें कटीं और ये सूख गए। अब इन्हीं सूखे पेड़ों को सुंदर बनाने के लिए नगर निगम रंग-रोगन करवा रहा है।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में तय मानकों के अनुसार काम कर रहे हैं। सूखे पेड़ों का रंग-रोगन भी इसी का हिस्सा है। इससे शहर की स्वच्छता रैंकिंग के अंकों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
राजेश राठौर, अपर आयुक्त, नगर निगम
Published on:
13 Jan 2020 12:51 am
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