अक्टूबर से शुरू होने वाले सर्वे के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से महू यूनिवर्सिटी से एमओयू साइन किया है। साथ ही, आयोग ने सर्वे में पूछे जाने वाली प्रश्नावली को मंजूरी दे दी है। आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक स्तर जानने के लिए दूसरे चरण का जमीनी सर्वे किया जाएगा।