
भोपाल. दमोह उपचुनाव में हार से सबक लेकर भाजपा अब स्थानीय खेमों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। प्रदेश में तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव होना है। इन सीटों पर हर खेमे के मंसूबे भांपने और उन्हें साधने के लिए नेताओं को मैदान में उतारा गया है। हर सीट के लिए एक-एक मंत्री और संगठन के पदाधिकारी को तैनात किया है।
लोकसभा सीट पर भी विधानसभावार मंत्री-पदाधिकारी को जिम्मा दिया है। ये निरीक्षण कर रिपोर्ट भाजपा मुख्यालय को देंगे। भाजपा की मंशा है कि उपचुनाव के ऐलान और टिकट . वितरण से पहले इन सीटों पर हर खेमे का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर लिया जाए, ताकि टिकट के समय नाराजगी का नुकसान पार्टी को चुनाव नतीजों में न उठाना पड़े।
लोकसभा सीट भी बड़ी चुनौतीपूर्ण
खंडवा लोकसभा सीट पर नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के बाद उपचुनाव होना है। अर्चना चिटनीस, नंदकुमार के बेटे हर्ष और कृष्ण मुरारी मोघे दावेदार हैं। अर्चना और हर्ष में खींचतान है, लेकिन पार्टी तीनों को साधकर चल रही है। अर्चना को पार्टी में प्रवक्ता का पद दिया है। हर्ष को स्थानीय संगठनात्मक काम में तवज्जो दी गई है। खंडवा सीट पर मंत्रियों से फीडबैक लिया है।
वही दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेता और बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया का बड़ा बयान सामने आया है। शनिवार को बीजेपी दफ्तर में आयोजित बैठक के बाद उन्होंने कहा कि, कानून में कोई ऐसी कोई धारा जुड़नी चाहिये, जिसके जरिये अगर कोई भारत माता की जय या वंदे मातरम न बोले, तो उसकी नागरिकता खत्म हो। इस दौरान पवैया ने ये भी कहा कि, शत्रु राष्ट्र के नारे लगाने वालों की भी नागरिकता खत्म होनी चाहिए।
Published on:
29 Aug 2021 03:02 pm
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