28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बोर्ड परीक्षाओं पर बड़ी खबर, कैलेण्डर से आगे बढ़ेंगी परीक्षाएं

स्कूल शिक्षा विभाग लगाएगा प्रस्ताव पर मुहर
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

deepak deewan

•

Updated: 21 Jan 2022, 3:34 PM IST

board3.png

भोपाल. मध्यप्रदेश में कोरोना के कहर के बीच परीक्षाओं की तैयारी भी चल रही है. इस बीच बोर्ड परीक्षाओं पर बड़ी खबर आई है. प्रदेश में 5वीं व 8वीं बोर्ड का स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है पर कोरोना के कारण ये परीक्षाएं वार्षिक कैलेण्डर से आगे बढ़ेंगी. कैलेण्डर के मुताबिक ये परीक्षाएं पहले मार्च 2022 में कराई जानीं थीं पर अब ऐसा मुमकिन नहीं दिख रहा. इस बीच इन परीक्षाओं को बोर्ड पैटर्न पर कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है.

कोरोना की तीसरी लहर के चलते दोनों ही कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा करवाई जा सकती हैं अप्रैल में — गौरतलब है कि 5वीं और 8वीं कक्षा में प्रदेश के एक लाख सरकारी स्कूलों में ही करीब 16 लाख छात्र—छात्रा पढ़ रहे हैं. वार्षिक कैलेण्डर के हिसाब से इनकी परीक्षाएं कराने के लिए पहले मार्च 2022 का समय तय किया गया था. अब कोरोना की तीसरी लहर के चलते दोनों ही कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा अप्रैल महीने में करवाई जा सकती हैं.

यह भी पढ़ें : बोर्ड ने दी बड़ी सुविधा, 10 वीं और 12 वीं की प्री बोर्ड परीक्षार्थियों को मिली रियायत

राज्य सरकार तय करेगी स्वरूप
मध्यप्रदेश में 5वीं-8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर कराने संबंधी प्रस्ताव राज्य शिक्षा केंद्र ने तैयार कर लिया है. अधिकारियों के अनुसार इसे एक-दो दिन में स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा. जानकारी के अनुसार अभी प्रस्ताव में 5वीं-8वीं बोर्ड पैटर्न वर्ष 2019-2020 में आरटीई अधिनियम संशोधन के अनुरूप रखा है.

दिसंबर 2021 में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की घोषणा के बाद राज्य शिक्षा केंद्र को प्रस्ताव को स्वरूप देने में करीब एक महीने का समय लगा. इसके बाद शासन के परीक्षण और स्वीकृति उपरांत प्रस्ताव स्कूल शिक्षा के पास अंतिम रूप से मुहर के लिए भेज दिया जाएगा. राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक धनराजू एस. के अनुसार, 5वीं और 8वीं क्लास की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है. अब शासन स्तर पर तय होना कि स्वरूप क्या हो.

यह भी पढ़ें : फिर बंद हो सकते हैं स्कूल, ऑनलाइन क्लास के निर्देश