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देश के इन राज्यों में लंपी वायरस का कहर, सरकार ने पशु बिक्री, प्रदर्शनी और खेल किया बैन, जानें लक्षण और बचाव

मध्य प्रदेश से सटे रास्थान, गुजरात, पंजाब और उत्तर प्रदेश में ये संक्रमण तेजी से अपने पांव जमा रहा है और पशुओं को अपना शिकार बना रहा है।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 7 Aug 2022, 11:59 AM IST

News

देश के इन राज्यों में लंपी वायरस का कहर, सरकार ने पशु बिक्री, प्रदर्शनी और खेल किया बैन, जानें लक्षण और बचाव

भोपाल. कोरोना के कहर और मंकीपॉक्स की दहशत के बीच अब एक नए और घतक वायरस का खतरा इन दिनों मध्य प्रदेश पर मंडरा रहा है। बताया जा रहा है कि, लंपी वायरस का कहर इन दिनों में प्रदेश से सटे कई राज्यों में बढ़ता जा रहा है। लंपी स्किन डिजीज देश के कई राज्यों में तेजी से फैल रही है। मध्य प्रदेश से सटे रास्थान, गुजरात, पंजाब और उत्तर प्रदेश में ये संक्रमण तेजी से अपने पांव जमा रहा है और पशुओं को अपना शिकार बना रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से संबंधित राज्यों में 1200 गायों की मौत हो चुकी है। वहीं, करीब 25000 से अधिक मवेशी इस संक्रमण की चपेट में हैं। पड़ोसी राज्यों में लंपी संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है।


जारी एडवाइजरी के अनुसार, रोग की पहचान और नियंत्रण के सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। साथ ही संक्रमित इलाके से अन्य क्षेत्रों में पशुओं का आवागमन प्रतिबंधित करने के निर्देश दिये गए हैं। संक्रमित इलाकों के बाजार में पशु बिक्री, प्रदर्शनी, खेल पर प्रतिबंधित कर दी गई है। संक्रमित इलाके में बीमारी फैलाने वाले मक्खी-मच्छर की रोकथाम से जुड़े निर्देश भी दिये गए हैं। एक संक्रमित पशुओं से दूसरे पशुओं में लंपी वायरस फैल रहा है।

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पशुओं में लंपी के लक्षण

जानकारों की मानें तो गायों और पशुओं को होने वाली ये बीमारी, लम्पी डिजीज है। माना जा रहा है कि ये डिजीज पाकिस्तान के रास्ते भारत में फैली है। लंपी वायरस में पशुओं के भीतर शुरुआती अवस्था में त्वचा पर चेचक, नाक बहना, तेज बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं। इस वायरस की वजह से पशुओं को काफी तेजी बुखार आता है। बुखार आने के बाद उनकी शारीरिक क्षमता काफी कम हो जाती है। कुछ दिन में पशुओं के शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं।


लंपी डिजीज फैलने का कारण

एक्सपर्टस् का ये भी कहना है कि, लंपी डिजीज संक्रमित गाय के संपर्क में आने से दूसरी गायों में फैल रहा है। ये मक्खी, मच्छर या फिर जूं द्वारा खून चूसने के दौरान भी फैलका है। इसके अलावा दूषित गाय के सीधे संपर्क में आने से भी फैल सकता है। इसके कारण अबतक कई गायों की मौत हो चुकी है।


लंपी वायरस से बचाव

-संक्रमित पशुओं को अपने पालतू जानवरों से दूर रखें।
-मवेशियों के आसापास की जगहों को साफ करें।
-पालतू जानवर जहां रहते हैं वहां मच्छरों और मक्खियों को पनपने से रोकें।

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