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इस दिन घूम जाती है देवी मां की गर्दन, यह चमत्कार देखने उमड़ती है भीड़

चैत्र नवरात्र के मौके पर mp.patrika.com आपको बता रहा है कंकाली मंदिर का महत्व, जहां आज भी कई चमत्कार हो जाते हैं...।

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भोपाल

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Manish Geete

Mar 17, 2018

chaitra navratri 2018 kankali mata mandir madhya pradesh

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से 15 किलोमीटर दूर है यह चमत्कारिक मंदिर। यहां मां काली की मूर्ति अपने आकर्षक स्वरूप के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की खासबात यह है कि मां काली की मूर्ति एक बार स्वयं ही अपनी गर्दन सीधी कर लेती हैं। यह चमत्कार देखे के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।

मान्यता है कि जिस भक्त को माता की सीधी गर्दन देखने का मौका मिलता है उसके सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। यह है मां काली का कंकाली मंदिर।

नवरात्र में होती है विशेष आराधना
राजधानी से महज 15 किमी दूर रायसेन जिले के गुदावल गांव में मां काली का प्रचीन मंदिर है। यहां मां काली की 20 भुजाओं वाली मूर्ति के साथ भगवान ब्रम्हा, विष्णु और महेश की प्रतिमाए विराजमान हैं। सामान्यतः यहां पूरे साल भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन नवरात्र में भीड़ उमड़ पड़ती है। चैत्र नवरात्र में रामनवमी के दिन विशाल भंडारे का आयोजन भी होता है।

सूनी गोद भर देती है माता
बताया जाता है कि इस दिन माता की लगभग 45 डिग्री झुगी गदरन कुछ पलों के लिए सीधी होती है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से गर्दन आते हैं। मंदिर के महंत मंगल दास त्यागी बताते हैं कि मंदिर से जुड़ी अलग- अलग मान्यताएं हैं। कहा जाता है कि जिन माता-बहनों की गोद सूनी होती है, वह श्रृद्धाभाव से यहां उल्टे हाथ लगाती हैं उनकी मान्यता अवश्य पूरी होती है।

अनोखी है प्राकृतिक छटा
कंकाली मंदिर रायसेन रोड पर स्थित बिलखिरिया गांव से कुछ ही दूरी पर जंगल के बीच बना हुआ है। मंदिर के चारो लगे हरे-भरे पेड़ पौधे यहां सबसे बड़ा आकर्षण है।

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