मध्यप्रदेश के दमोह जिले में कुछ महीने पहले एक दंपति का 14 साल का बेटा लापता हो गया था। जब उसका पता नहीं चला, तो उसका पता बताने वाले को 5 लाख रुपए का ईनाम देने का ऐलान तक किया गया। लेकिन एक दिन अभागे माता-पिता को पुलिस बुलाती है, एक कंकाल की शिनाख्त करने को कहती है। कंकाल के कपड़े देख पैरेंट्स रो पड़ते हैं और कहते हैं कि यह कंकाल उनके 14 साल के बेटे जयराज का है। लेकिन जैसे ही कंकाल के कुछ सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया, तो पुलिस ने पैरेंट्स को बताया कि उनका डीएनए इस कंकाल के डीएनए से मैच नहीं हुआ और पुलिस ने उन्हें अस्थियां देने से इनकार कर दिया। अब स्थिति यह है कि पैरेंट्स बार-बार पुलिस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस फिलहाल उन्हें अस्थियां नहीं सौंप रही।