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अजीब बीमारी : खेलते खेलते अचानक बाहर आ गईं बच्चे की आंखें, इलाज में लगेंगे 25 लाख

वेस्कुलर ट्यूमर के शिकार मासूम की बाहर निकल आईं आंखें, ऑपरेशन में 25 लाख रुपये आ रहा खर्च, गरीब परिवार ने इलाज के लिए सरकार से लगाई गुहार।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 29 Jan 2020, 4:35 PM IST

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अजीब बीमारी : खेलते खेलते अचानक बाहर आ गईं बच्चे की आंखें, इलाज में लगेंगे 25 लाख

भोपाल/ राजधानी भोपाल में एक मासूम बच्चा अजीब बीमारी का शिकार हुआ है। घर में खेलते खेलते अचानक उसकी आंखे बाहर निकल आईं, जिसे देखकर बच्चे के माता पिता घबरा गए। परिवार ने तत्काल बच्चे को नजदीकी किलिनिक में दिखाया, जहां चिकित्सक ने आंखों में इंफेक्शन होने की बात कहकर दवा देदी। लेकिन, अब पीड़ित बच्चे के गरीब पिता को पता लगा है कि, उनके पांच साल के मासूम बेटे को वेस्कुलर ट्यूमर नामक बीमारी हो गई है, जिसके इलाज में 25 लाख रुपये खर्च होंगे।

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हमीदिया में पता लगी बीमारी

शहर के चांदबड़ इलाके में रहने वाले 5 साल के ओम कुशवाह की दोनों आंख बाहर निकल आईं हैं। ओम की आंखों में कोई सुधार ना होने पर परिजन ने शहर के निजी अस्पताल में दिखाया, इसके बाद उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल से लेकर दिल्ली एम्स तक के डॉक्टरों को दिखाया। एम्स में परिजन को पता लगा कि, ओम को वेस्कुलर ट्यूमर है, जो एडवांस स्टेज पर पहुंच चुका है। अगर तत्काल इसका इलाज नहीं किया गया तो बच्चे की जान को भी खतरा है। बच्चे की सर्जरी में 25 लाख रुपए का खर्च आएगा।

गरीब पिता की सरकार से गुहार

अब आर्थिक रूप से अति गरीब परिवार के सामने बड़ी चुनौती ये है कि, अपने बच्चे के इलाज में खर्च होने वाले 25 लाख रुपए की व्यवस्था कैसे करें। बच्चे का पिता मुकेश कुशवाह मंडीदीप की फैक्ट्री में काम करता है, जहां उसकी तनख्वाह मात्र 6 हजार रुपए है, जिससे परिवार का पालन पोषण कर पाना ही उसके लिए बड़ी चुनौती होता है। ऐसे में इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था कर पाना असंभव है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने पीड़ित बच्चे का इलाज कराने का आश्वास्न दिया है।

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सरकार मांग रही इलाज का इस्टीमेट, पर...

ओम की मां सुनीता कुशवाह के मुताबिक, लोगों द्वारा की गई मदद के बाद हम बच्चे को दिल्ली एम्स लेकर गए थे, जहां हमें इस बीमारी के इलाज में आने वाले खर्च क बारे में पता लगा। दिल्ली से आने के बाद सीएम से बच्चे के इलाज में आने वाले खर्च की मदद मांगी थी। जहां, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कार्यालय में इलाज का आवेदन ले लिया गया है। लेकिन, साथ ही वहां से ये भी कहा गया है कि, अस्पताल की तरफ से इलाज में खर्च होने वीली राशि का दिल्ली से एस्टीमेट लाकर दें। सुनीता का कहना ये है कि, उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि, ऑपरेशन में आने वाले खर्च का एस्टीमेट बनवाने दिल्ली एम्स या हैदराबाद वापस जा सकें। ऐसे में सुनीता द्वारा अब बाल कल्याण समिति में गुहार लगाई है। ताकि, वो अस्पताल से बच्चे के ऑपरेशन का इस्टीमेट मुहैय्या करा सके।

एम्स दिल्ली रेफर किया

हमीदिया अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ और विभागाध्यक्ष डॉ. कविता कुमार के मुताबिक, ओम को यहीं से पर्याप्त उपचार और सर्जरी के लिए दिल्ली एम्स रेफर किया गया है। डॉ. कविता ने बताया कि, ओम पहले से ही सेरेब्रल पाल्सी नामक बीमारी से ग्रस्त है, जिसकी वजह से वो चलने-फिरने में भी असमर्थ है। हालांकि, परिवार को ये बीमारी इतनी बड़ी नहीं लगती, क्योंकि वो खुद उसका ख्याल रख लेते हैं। साथ ही, इस बीमारी से उसकी जान को कोई खतरा नहीं है। लेकिन, आंखों में संक्रमण होने के कारण उसकी जान पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसे लेकर परिवार खासा चिंचित है। क्योंकि, वेस्कुलर ट्यूमर नामक ये बीमारी वैसे भी काफी रेयर है, जिसका हर जगह इलाज उपलब्ध नहीं है। क्योंकि, बच्चे की बीमारी एडवांस स्टेज पर जा पहुंची है, शुरुआती स्टेज में तो हमीदिया में ही उसका इलाज संभव था, लेकिन अब यहां इलाज हो पाना संभव नहीं है, इसी लिए बच्चे को दिल्ली एम्स रेफर किया गया है।