खासकर जिलों से शिकायतें आ रही थीं कि वेतन ५ से 10 तारीख को दिया जा रहा है। चुनावी साल में इस शिकायत को शासन ने गंभीरता से लिया और संभागायुक्त और कलेक्टरों को निर्देश दिए। किसी भी सूरत में लेट न हो सैलरी प्रमुख राजस्व आयुक्त ने सभी संभागायुक्त और कलेक्टरों से कहा है कि आहरण-संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को निर्देशित करें कि कर्मचारियों को वेतन देने में किसी भी सूरत में देरी नहीं होना चाहिए। 15 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा प्रदेश में नियमित, संविदा, स्थाईकर्मी सहित अन्य सभी संवर्गों को मिलाकर कुल 15 लाख कर्मचारी हैं।