डाइटीशियन और न्यूट्रीशियनिस्ट अंजना कपबर का कहना है कि, 1970-1971 में हुए एक शोध में ये बात सामने आई थी कि, जिन चुहों को 15 फीसदी से ज्यादा प्रोटीन खिलाया गया, उन्हें कैंसर हो गया। ये शोध जब अमेरिका गया तो वहां के शोधार्थियों ने इसे गलत माना, पर भारत में इस शोध से जुड़े श्री गोपालन ने स्थिति स्पष्ट की और अमेरिका में दोबारा इस पर शोध किया गया। इसका परिणाम ये निकला कि, जिन चूहों को 15 फीसदी से अधिक प्रोटीन दिया गया था, उन्हें कैंसर हुआ, जबकि कम प्रोटीन खाने वाले चूहों को कैंसर नहीं हुआ।