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Breaking News: IB की रिपोर्ट ने उड़ाई सरकार की नींद, सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश

IB की रिपोर्ट ने उड़ाई सरकार की नींद, सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश
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भोपाल

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Manish Gite

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Updated: 10 May 2018, 2:57 PM IST

mandsaur kisan andolan

intelligence bureau report

भोपाल। मध्यप्रदेश में आई इंटेलिजेंस ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट ने सरकार की नींद उड़ा दी है। सरकार ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट रहने को कहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 184 किसान संगठनों ने 1 से 10 जून तक उपज, सब्जी, दूध की सप्लाई रोकने के साथ आंदोलन की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर संदेश तेजी से प्रचारित किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार को आंदोलनों की गुप्त सूचना मिल रही है। कई किसान संगठन मध्यप्रदेश में बड़ा आंदोलन छेड़ने की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल जून में मंदसौर में शुरू हुए किसान आंदोलन में गोलीकांड हुआ था, जिसमें 6 किसान मारे गए थे। 6 जून को गोलीकांड की बरसी है।

इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की ताजा रिपोर्ट ने सरकार की नींद उड़ा दी है। सरकार ने ताबड़तोड़ कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर अलर्ट रहने के लिए कहा है।

हिंसा की आशंका
मध्यप्रदेश इंटेलिजेंस की माने तो 1 जून से 10 जून के बीच होने वाले किसान आंदोलन में हिंसा की आशंका है। जबक मंदसौर गोलीकांड की बरसी भी किसी चुनौती से कम नहीं है।

तो बढ़ सकती है सरकार की मुश्किलें
इस किसान आंदोलन के चलते सरकार की भी मुश्किलें बढ़ सकती है। क्योंकि किसान वर्ग नाराज हो गया है। सरकार भी किसानों को साधने के लिए कई प्रयास कर चुकी है। किसान चाहते हैं कि उनका कर्ज माफ हो। उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य मिले। लोन वसूली के लिए परेशान करने वाले अफसरों को हटाने की भी मांग वे कई बार कर चुके हैं।

6 जून को है गोलीकांड की बरसी
प्रदेश के किसान अब भी सरकार से नाराज हैं और आंदोलन की रूपरेखा बना रहे हैं। 6 जून को मंदसौर गोली कांड की बरसी है, लिहाजा सरकार की नींद उड़ गई है और माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है।

मध्यप्रदेश इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित किसान आंदोलन में हिंसा की आशंका जताई गई है। गोलीकांड की बरसी पर मंदसौर में सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। किसान आंदोलन की सुगबुगाहट के कारण इंटेलिजेंस अलर्ट हो गया है औ सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार ने सभी कलेक्टरों को भी अलर्ट रहने को कहा है।

1 जून को बड़े नेता आ सकते हैं मध्यप्रदेश
इधर, किसान संगठनों ने एक जून को राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन का ऐलान किया है। चुनावी साल के चलते कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी समेत बड़े नेताओं को मध्यप्रदेश बुला सकती है।

इंटेलिजेंस आईजी मकरंद देउस्कर ने बताया कि सभी संगठन शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की बात कहते हैं, लेकिन आंदोलन के समय जमीनी हकीकत बदल जाती है। इसलिए मध्यप्रदेश पुलिस ने अपने स्तर पर तैयारियां करने के साथ जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं।

किसानों की समस्याएं सुलझाएं कलेक्टर
इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के बाद सरकार ने भी सभी जिलों के कलेक्टरों को मंडियों में किसानों की समस्याएं तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने को भी कहा गया है।

पिछले साल फेल हो गया था इंटेलिजेंस
पिछले साल इंटेलिजेंस विभाग फेल हो गया था। क्योंकि इतना बड़ा आंदोलन किसानों ने शुरू किया और हिंसा फैलाई। इसके बारे में आईबी कोई सूचना सरकार को नहीं दे सकी थी। जब महाराष्ट्र से शुरू हुए किसान आंदोलन की आग मध्यप्रदेश पहुंची तो प्रदेश के मंदसौर जिले में किसान एकत्र होने लगे थे। इस दौरान वहां उग्र हो रहे शरारती तत्वों पर सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी। इस घटना में 6 किसान मारे गए थे। इसके बाद कई दिनों तक तीन जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया था। और किसी भी राजनीतिक दल के नेता को जाने नहीं दिया जा रहा था। इसके पीछे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई गई थी।

नीमच-मंदसौर में भी अलर्ट
देश के 184 किसान संगठनों ने 1 से 10 जून तक उपज, सब्जी, दूध की सप्लाई रोकने के साथ आंदोलन की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर संदेश तेजी से प्रचारित किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार को आंदोलनों की गुप्त सूचना मिल रही है। इसे देखते हुए नीमच में अलर्ट किया जा रहा है। प्रशासन-पुलिस सतर्क हो गए हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह ने बताया जिले में प्रशासन हर गतिविधियों पर नजर रख रहा है। गांवों में प्रशासन के नुमाइंदे किसानों से बातचीत कर रहे हैं। किसानों को भड़काने, शांति व्यवस्था और जिले की फिजा बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंदसौर से भोपाल पहुंची थी आंदोलन की लहर
6 जून को मंदसौर में हुए गोलीकांड के बाद इसकी आग इंदौर, देवास होते हुए भोपाल तक पहुंच गई थी। देवास और भोपाल के आसपास चक्काजाम कर दिया गया था। कई वाहनों में तोड़फोड़ और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया था। गुस्साए लोगों ने पुलिस की डायल 100 समेत कई चार्टर्ड बस और ट्रकों को आग के हवाले कर दिया गया था।