आपको बता दें कि, चंद्रयान 3 की सफलता के बाद इसरों ने अपने सबसे बड़े लूनर मिशन अदित्य एल-1 को सितंबर 2023 में आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया था। करीब पांच महीने का सफर तय करके अदित्य एल-1 आज अपनी आखिरी और बेहद जटिल प्रक्रिया से होकर गुजरकर स्थापित हो चुका है। बता दें कि इस मिशन का लक्ष्य सूर्य का बारीकी से अध्ययन करना है। ये मिशन सात पेलोड लेकर गया था जो अलग-अलग वेव बैंड में फोटोस्फेयर (प्रकाशमंडल), क्रोमोस्फेयर (सूर्य की दिखाई देने वाली सतह से ठीक ऊपर) और सूर्य की सबसे बाहरी परत (कोरोना) पर रिसर्च करने का काम करेगा।