धार्मिक अनुष्ठानों से गूंज रहे जिनालय

पर्युषण पर्व के तीसरे दिन आर्जव धर्म की हुई आराधना

By: Rohit verma

Published: 13 Sep 2021, 12:45 AM IST

भोपाल. इन दिनों दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व चल रहे हैं। श्रद्धालु भौतिक सुख सुविधाओं से दूर रहकर तप, त्याग, संयम की साधना और दस धर्मों की आराधना कर रहे हैं। शहर के जैन मंदिर केसरिया रंग से सराबोर नजर आ रहे हैं। मंदिरों में भगवान का कलशाभिषेक, मंत्रोच्चारित शांतिधारा सहित धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चल रहा है।

पर्युषण पर्व में रविवार को मंदिरों में उत्तम आर्जव धर्म की आराधना के साथ पूजा-अर्चना हुई। चौक जैन धर्मशाला में मुनिसंघ के सानिध्य में श्रद्धा, भक्ति के साथ पांडुशिला पर भगवान जिनेन्द्र को विराजमान कर कलशाभिषेक किए गए और शांतिधारा हुई। मुनि विराट सागर महाराज ने कहा कि जहां आर्जव धर्म होने पर मनुष्य से मायाचारी पूरी तरह दूर हो जाती है।

आज का मनुष्य पल-पल में मायाचारी करके खुश होता है। आज चाहे सोशल क्षेत्र हो, सामाजिक, राजनीति सभी जगह लोग एक दूसरे से मायाचारी करने में लगे हुए हैं। मुनि निष्पक्ष सागर महाराज ने कहा कि सद्भावों के सद्भाव का नाम आर्जव धर्म है। कुटिल भावों का परिहार्य कर जो निर्मल भावों के साथ जीता है वही आर्जव धर्म में जीता है। इसी प्रकार जवाहर चौक जैन मंदिर, हबीबगंज जैन मंदिर, अशोका गार्डन सहित अन्य मंदिरों में भी विशेष आराधना और पूजा-अर्चना की गई।

शाहपुरा जैन मंदिर में अभिषेक
पर्युषण पर्व के मौके पर शाहपुरा स्थित पाŸवनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भी विशेष आयोजन हो रहे हैं। रविवार को मंदिर में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और पूजा अर्चना की गई। इस दौरान पं. वीरेंद्र कुमार द्वारा तत्वार्थ सूत्र के तृतीय अध्याय का वाचन किया गया। महामंत्री संतोष जैन ने बताया कि बच्चों द्वारा णमोकार मंत्र की महिमा की नाटिका प्रस्तुत की गई।

जानी अनजानी गलतियों के लिए एक दूसरे से मांगी क्षमा
आदिनाथ सेवा संघ की ओर से तुलसी नगर स्थित जैन मंदिर में रविवार को सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने हाथ जोड़कर जानी अनजानी गलतियों के लिए एक दूसरे से क्षमा याचना की। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान आदिनाथ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस मौके पर विधायक रामेश्वर शर्मा, पीसी शर्मा, वीरेंद्र कोठारी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में भगवान आदिनाथ की भक्ति में भजन गाते हुए मंगलाचरण किया गया।

आदिनाथ महिला मंडल एवं बच्चों द्वारा जैन सिद्धांत और संस्कृति को प्रदर्शित करती हुई नृत्य नाटिका और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष प्रस्तुति की गई। वीरेन्द्र कोठारी ने क्षमायाचना करते हुए जिनालय में चल रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा ऐसा व्यवहार कभी नहीं करें जिससे धर्म और राष्ट्र हमें क्षमा न कर सके। जिसने तलवारों से विजय प्राप्त की है उसका शासन कुछ समय तक रहा है, पर जिसने स्वयं पर और इन्द्रियों पर विजय पायी और महावीर बन आज जगत पूज्य बने। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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