पांच दिन से चल रहे जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पतालों की व्यवस्थाएं चरमरा गई थी। सरकार ने इंदौर और ग्वालियर के 8 और जूनियर डॉक्टर को बर्खास्त किया था। इसके पहले कोर्ट ने भोपाल, इंदौर, रीवा, ग्वालियर और जबलपुर मेडिकल कॉलेजों के 24 डॉक्टरों को निष्कासित किया था। इधर, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अवैध ठहराने के बाद राज्य सरकार ने भी सख्त रवैया दिखाया। अवैध रूप से हड़ताल कर रहे है जूडा के पंजीयन भी खत्म कराने की तैयारी चल रही थी।