
भोपाल। 1 फरवरी 2018 को संसद में शुरू हो रहे बजट सत्र में वित्त मंत्री अरुण जेटली देश का बजट पेश कर दिया। इस बजट में मध्यप्रदेश समेत देशभर के लोगों की निगाह लगी है। वित्त मंत्री एक के बाद एक अपनी सरकार की उपलब्धियों गिना रहे हैं। इसके अलावा वे बजट में कई प्रावधान भी बता रहे हैं।
mp.patrika.com पर देखिए बजट का लाइव अपडेट...।
11.45 AM
-नई स्वस्थ्य सुरक्षा योजना शुरू होगी।
-सरकार द्वारा पोषित विश्व की सबसे बड़ी योजना।
-50 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
-डेढ़ लाख स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे।
-रोगों की रोकथाम के लिए आयुष्मान भारत योजना।
-वित्त मंत्री ने कहा कि देश की अर्थ व्यवस्था पटरी पर है।
-नर्सरी से 12 तक समग्र शिक्षा की व्यवस्था होगी।
-उच्च शिक्षा के लिए भी फंडिंग की व्यवस्था होगी।
-देश के स्कूलों में ब्लैक बोर्ड की जगह डिजीटल बोर्ड लगेंगे।
-आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य स्कूल बनाए जाएंगे।
-वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा के विकास के लिए तकनीक जरूरी होती है।
11.34 Am
-22 हजार हाट कृषि बाजार में बदले जाएंगे।
-शहरी क्षेत्रों में 37 लाख मकानों को मदद दी गई।
-2022 तक हर गरीब का अपना घर होगा।
-4 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाई गई।
-2018 में भी ग्रामीण क्षेत्रों में 51 लाख घर बनाए जाएंगे।
-2017 में 51 लाख घर बनाए गए।
11. 30 AM
-आपरेशन ग्रीन की स्थापना होगी।
-42 मेगा फुटपाथ।
-माइक्रो इरिगेशन फंड बढ़ाया जाएगा।
11.25 AM
-बागवानी की फसलों पर छूट का प्रावधान।
-गरीब महिलाओं के लिए उज्जवला योजना।
-मछली पालन के लिए फंड को बढ़ाया जाएगा।
-पशुपालन के लिए भी फंड को बढ़ाया जाएगा।
-बागवानी की फसलों पर छूट का प्रावधान।
11.15 AM
-किसानों के लिए टैक्स व्यवस्था में बदलाव।
-ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का प्रसार।
-142 मेगा फूड पार्किंग विकसित किए जाएंगे।
-आर्गेनिक फार्मिग को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
-अप्रत्यक्ष कर दाताओं की संख्या 50 फीसदी बढ़ी।
11.12 AM
-जीएसटी से अप्रत्यक्ष कर में 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी।
-गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए आवासीय योजना।
-जीएसटी को आसान करने की कोशिश की जा रही है।
11.08AM
-अप्रत्यक्ष कर में बढ़ोत्तरी हुई है।
-वित्तमंत्री ने बताया कि नोटबंदी के बाद से करदाता बढ़े हैं और घरेलू बचत में तेजी आई है।
11.06 AM
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपना बजट भाषण शुरू किया। अरुण जेटली पांचवी बार बजट पेश कर रहे हैं।
11.05 Am
-अब मोदी सरकार अंतिम बजट पेश होने जा रहा है।
11.00 AM
-दिवंगत सांसद को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
-लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का उद्बोधन शुरू।
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद भवन में मौजूद।
-10.45 वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद भवन पहुंच गए। सभी विपक्षी दल भी पहुंचे
गुरुवार को पेश होने वाले आम बजट में मध्यप्रदेश के लोगों की भी निगाह लग गई हैं। वित्तमंत्री अरुण जेटली गुरुवार को आम बजट को लेकर लोगों को काफी उम्मीदें हैं। मोदी सरकार के इस आखिरी बजट से उम्मीद की जा रही है कि आम आदमी को रोजमर्रा की वस्तुओं में आए दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, उसे रोकने की ठोस पहल होनी जानी चाहिए। नई गाइडलाइन बनाना चाहिए ताकि एमआरपी कानूनों का उल्लंघन नहीं हो सके।
प्रिंट में मनमाने दाम पर
निर्माता पैकिंग वस्तुओं में मनमाने दाम प्रिंट कर रहे हैं और उसे छूट के नाम पर बेच रहे हैं। इससे रिटेल मार्केट और सुपर बाजार चैन में मिलने वाले सामान में खासा अंतर दिखाई देता है। उदाहरण चावल और चने का दिया जा सकता है। चावल के भाव एक साल में 30 फीसदी तक बढ़ गए तो चने में 40 फीसदी तक की मंदी आ गई। एक समय 200 रुपए प्रति किलो तक बिकने वाली तुअर दाल के भाव एक साल में 30 से 40 फीसदी तक गिर गए। इसी प्रकार अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के दाम में स्थिरता की बजाय रोजाना तेजी-मंदी देखी जाती है।
लोगों का कहना है कि सामान्यत: सालाना 10 फीसदी तक की महंगाई उपभोक्ता झेल लेता है लेकिन 30 से 40 फीसदी की महंगाई ग्राहकों को झकझोर देती है। जीएसटी कानून लागू होने के बाद से दैनिक उपभोक्ता उपयोग की वस्तुओं में दालों को छोड़कर सभी वस्तुओं के दाम में वृद्घि हुई है।
क्या कहते हैं भोपाल शहर के व्यापारी
-दैनिक उपयोग की वस्तुओं में आए दिन तेजी-मंदी होती रहती है। इस पर सरकार को एक ऐसी पॉलिसी बनाना चाहिए जिससे भावों पर नियंत्रण रखा जा सकें। खुदरा बाजार में और सुपर बाजारों में भी कीमतों में अंतर रहता है। वस्तुओं पर प्रिंट रेट भी मनमाने रहते हैं, उस पर छूट की घोषणा करते हैं।
-विस्मिता सोनी, गृहिणी
बजट से बाजार को काफी उम्मीदें हैं। जीएसटी के बाद से बाजारों पर बुरा असर पड़ रहा है। रिटर्न फाइल करने में दिक्कतें आ रही हैं। सरकार को चाहिए कि बजट में टेक्नोलॉजी को बढ़ाने के लिए अलग से फंड की घोषणा करें।
-अनुपम अग्रवाल, महासचिव, अभा उद्योग व्यापार मंडल
-विश्व में कई देशों में पेट्रोल को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे प्रदूषण कम हो। भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट में काफी अंतर होता है। राज्यों में टैक्स ज्यादा होने का असर ग्राहकों पर आता है। बजट में घोषणा करना चाहिए।
-अजय सिंह, अध्यक्ष, मप्र पेट्रोल पंप ऑनर्स एसो.
-वर्तमान में जनता को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की कुछ वस्तुएं तो पिछले ५ साल में आसमान पर पहुंच गई। सरकार को इसके लिए पॉलिसी बनाना चाहिए। ताकि भावों के अंतर को रोका जा सकें।
रमाकांत तिवारी, संगठन महामंत्री कैट (मप्र)
-टैक्स स्लैब में आयकर छूट की सीमा बढऩी चाहिए। 10 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स की दर 10 प्रतिशत होना चाहिए। कॉर्पोरेट टैक्स की दर भी कम होना चाहिए। वेतनभोगियों की स्टैंडर्ड डिडेक्शन की डिमांड है।
राजेश जैन, उपाध्यक्ष, भोपाल टैक्स लॉ बार एसोसिएशन
Updated on:
01 Feb 2018 11:42 am
Published on:
01 Feb 2018 10:30 am
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