
भाजपा के बाद आखिरकार कांग्रेस ने भी मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने अशोक सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अशोक सिंह मध्यप्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष हैं और प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष भी हैं। अशोक सिंह की गिनती ग्वालियर-चंबल के बड़े नेताओं में होती है और वो 3 बार लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। अशोक सिंह के नाम के ऐलान के साथ ही बीते कुछ दिनों से चली आ रही उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया है जिनमें कमलनाथ, मीनाक्षी नटराजन, अरुण यादव, अजय सिंह राहुल भैया, कमलेश्वर पटेल को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की बातें कहीं जा रही थीं। बता दें कि राज्यसभा में मध्यप्रदेश कोटे की पांच सीटें खाली होने वाली हैं। विधायकों की संख्या बल के हिसाब से देखें तो वर्तमान में 4 सीटें भाजपा को मिलेंगी जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में आएगी।
भाजपा ने इन्हें बनाया है राज्यसभा उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बुधवार को अपने चार उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया। जबकि कांग्रेस ने अपने एक उम्मीदवार का नाम तय कर लिया है, जिसकी घोषणा बाकी है। इन सभी को नामांकन की अंतिम तारीख गुरुवार को नामांकन जमा करना है। भाजपा ने इस बार भी चारों नामों की घोषणा करके सभी को चौंका दिया है। भाजपा ने मध्यप्रदेश से चार उम्मीदवारों को राज्यसभा में भेजने के लिए नामों को घोषणा कर दी है। केंद्रीय चुनाव समिति ने दो राज्यों में होने वाले आगामी राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए डा. एल मुरुगन, उमेश नाथ महाराज (umesh nath maharaj), माया नरोलिया और बंसीलाल गुर्जर के नामों का ऐलान कर दिया। यह सभी भाजपा की तरफ से मध्यप्रदेश से राज्यसभा का नामांकन भरेंगे। जिन लोगों को भाजपा ने राज्यसभा का टिकट दिया है उनमें माया नरोलिया (Maya Naroliya) नर्मदापुरम (होशंगाबाद) की हैं और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष हैं। वहीं बंसीलाल गुर्जर (banshilal gurjar) मंदसौर के किसान नेता हैं और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। जबकि उमेश नाथ उज्जैन के वाल्मिकी धाम आश्रम के पीठाधीश्वर हैं।
इन नेताओं का कार्यकाल समाप्त होगा
मध्यप्रदेश से राज्यसभा में गए सांसद धर्मेंद्र प्रधान केंद्र की मोदी सरकार में शिक्षा मंत्री हैं। उनका कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है। भाजपा के कैलाश सोनी, अजय प्रताप सिंह, थावरचंद गहलोत, धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 को खत्म हो रहा है। इनके अलावा कांग्रेस के राजमणि पटेल का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 को खत्म हो रहा है। थावरचंद गहलोत राज्यपाल बनाए गए थे, उसके बाद से यह पद खाली है।
यह है चुनाव प्रक्रिया
8 फरवरी को चुनाव का नोटिफिकेशन जारी होगा और नामांकन 15 फरवरी तक दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन की जांच 16 फरवरी को होगी। 20 फरवरी तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद जो उम्मीदवार राज्यसभा में चुनकर जाएंगे उनका कार्यकाल 6 साल का होगा।
Updated on:
14 Feb 2024, 5:11 PM IST
Published on:
14 Feb 2024, 4:20 PM IST
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