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सौरभ शर्मा की काली कमाई का नया खुलासा, शिकंजे में कई IAS अफसर और कारोबारी, नोटिस जारी

Saurabh Sharma Case: पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा की काली कमाई के बाद अब काले निवेश का नया खुलासा चौंकाने वाला है, सौरभ शर्मा के इस मामले में कई रिटायर्ड IAS अफसरों और कारोबारियों को भी नोटिस भेजे गए हैं।
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भोपाल

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Sanjana Kumar

•

Updated: 30 Dec 2024, 4:00 PM IST

Saurabh Sahrama Case

Saurabh Sharma Case: राजधानी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में बिल्डरों के 52 ठिकानों पर आयकर की छापेमारी के बाद विभाग ने जिम्मेदारों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। बिल्डरों से प्रॉपर्टी खरीदने और नकद में लेनदेन करने वालों को विभाग ने अपनी जद में लिया है। छापे के दौरान बिल्डर, उनके प्रॉपर्टी पार्टनर, एसोसिएट्स, कर्मचारी आदि के जो नाम सामने आए, उनके अलावा कई रिटायर्ड आइएएस, बिजनेसमैन भी हैं। उन्होंने रातीबड़-नीलबड़, मेंडोरा-मेंडोरी की ओर काफी जमीन खरीदी। बताते हैं, इसमें नकद में ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदी गई।

इसमें बिल्डरों ने जमकर राजस्व का नुकसान पहुंचाया। विभाग ने ऐसे जिम्मेदारों की कुंडली बनाई और नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। विभाग उनसे पूछताछ कर टैक्स चोरी की जानकारी भी पता करेगा। वहीं, मेंडोरी के जंगल में 19 दिसंबर को जिसकी कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ नकद मिले, उस चेतन सिंह गौड़ के शनिवार को लिए बयान भी विभाग को दिए हैं। बता दें, भोपाल में बिल्डरों के 49 तो इंदौर में एक और ग्वालियर में दो ठिकानों पर आयकर ने 19 दिसंबर को दबिश दी थी। इसमें 10 करोड़ रुपए नकद और 24 से अधिक बैंक लॉकर, जेवरात, प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे। हर दिन जांच के बाद एजेंसियों के हाथ नए तथ्य लग रहे हैं।

सौरभ की काली कमाई का नया खुलासा

परिवहन विभाग के मालदार पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके रिश्तेदार, परिचितों के ठिकानों की जांच में नया खुलासा हुआ है। १९ दिसंबर को सुबह एक ओर सौरभ के अरेरा कॉलोनी स्थित घर और दफ्तर में लोकायुक्त दबिश दे रही थी, उसी समय राजदार काली कमाई को ठिकाने लगाने की साजिश रच रहे थे। चेतन गौड़ की कार में 52 किलो सोना और 11 करोड़ नकदी रखकर मेंडोरी के जंगल में पहुंचा दी गई। मेंडोरी में जिस प्लॉट पर कार खड़ी की, वह भी सौरभ के रिश्तेदार का था। इस प्लॉट का मालिक सौरभ की मां उमा शर्मा की बहन का दामाद है। उमा की बहनें ग्वालियर में ही रहती हैं। दामाद ने कुछ समय पहले ही यह प्लॉट खरीदा था। जांच एजेंसियां को आशंका है कि इस खरीदी में भी सौरभ की काली कमाई लगी है।

भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में ईडी की दबिश के बाद यह भी साफ हुआ कि जहां-जहां सौरभ के रिश्तेदार हैं, वहां काला धन खपाया।

ग्वालियर

सौरभ शर्मा… मूलत: ग्वालियर का रहने वाला है। 47 विनयनगर (बहोडापुर) सेक्टर-2 में उसका घर है। यहां से ईडी को कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले। मां उमा और सौरभ के ज्वॉइंट बैंक खाते और लॉकर फ्रीज किए।

चेतन सिंह गौड़… चेतन मूलत: भिंड का है। वह ग्वालियर में लक्कडख़ाना स्थित गौर का बाड़ा में रहने लगा। सौरभ से दोस्ती हुई। सौरभ ने अपनी अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी में उसे डायरेक्टर बनाया। इसके दस्तावेज भी ईडी को मिले।

भोपाल

चेतन, सौरभ, उमा शर्मा और शरद जायसवाल: लोकायुक्त, आयकर और ईडी ने अरेरा कॉलोनी में चारों के ठिकानों पर दबिश दी थी। 234 किलो चांदी की सिल्लियों के साथ करीब 8 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। दस्तावेजों में करोड़ों के लेन-देन और एक ही कंपनी अविरल कंस्ट्रक्शन में चेतन गौड़, शरद जायसवाल, रोहित तिवारी डायरेक्टर मिले। मां उमा के नाम से अलग निर्माणाधीन बंगला भी मिला।

जबलपुर

रोहित तिवारी… शास्त्री नगर में रहते हैं। बिल्डर हैं और सौरभ के रिश्तेदार भी। ईडी की दबिश में कई दस्तावेजों से सौरभ के निवेश का पता चला।

विधायक का आरोप सौरभ की मां बोली करुंगी मान-हानि का केस

पिछोर के भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के आरोपों पर सौरभ की मां उमा शर्मा ने जवाब दिया है। रविवार को उमा शर्मा ने मीडिया में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से लोधी को हटाने की मांग की। बोली- लोधी के आरोप महिला सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले हैं। मानहानि का केस करूंगी। बता दें, लोधी ने कहा था-सौरभ के परिवार से पूर्व विधायक केपी सिंह के व्यक्तिगत संबंध रहे हैं।

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