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कांग्रेस नेता शिवराज को कड़ी चुनौती देने के मूड में नहीं!

सशक्त उम्मीदवार की बजाय मुद्दों पर घेरने की तैयारी...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

•

Updated: 4 Sep 2018, 8:15 AM IST

politics

कांग्रेस नेता शिवराज को कड़ी चुनौती देने के मूड में नहीं!

भोपाल@जितेन्द्र चौरसिया की रिपोर्ट...

सत्ता का वनवास खत्म करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस चुनावी चौसर पर हर चाल बेहद संभलकर चल रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पार्टी की कमजोर 80 सीटों पर उम्मीदवार इसी माह घोषित कर देंगे।

उनके सामने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुकाबले चेहरे का चयन करना मुश्किल हो रहा है। कमलनाथ इस बारे में बड़े नेताओं से चर्चा कर चुके हैं। कोई भी सीएम के सामने मजबूत प्रत्याशी देने के पक्ष में नहीं हैं। कांग्रेस इस सीट को हारी हुई मानकर चल रही है। फिलहाल उन्हें मुद्दों पर ही घेरने की तैयारी है।

शिवराज को 20136 में बुदनी सीट पर रेकॉर्ड 128730 वोट मिले थे। कांग्रेस यहां से पूर्व विधायक राजकुमार पटेल को उतार सकती है। हालांकि, 2008 के प्रत्याशी महेश सिंह राजपूत भी तैयारी कर रहे हैं।

भितरघात भी बड़ी चुनौती
कांग्रेस को बुदनी सीट पर भितरघात का भी खतरा है, क्योंकि पिछली बार महेंद्र सिंह चौहान भितरघात की शिकायतें कर चुके हैं।

पटेल परिवार के प्रभाव वाले इस क्षेत्र पर यदि कमलनाथ कोई बड़ा चेहरा उतारते हैं, तब भी पटेल वोट बैंक का संतुलन देखना जरूरी है। बुदनी में कुछ बूथ एेसे हैं, जहां कांग्रेस 2013 के पहले कभी नहीं हारी।

लक्ष्मण और अमृता पर हो चुका विचार
बुदनी से टिकट देने के लिए दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह के नाम पर भी विचार हुआ है, लेकिन लक्ष्मण राजी नहीं हुए। दरअसल, लक्ष्मण सिंह विदिशा लोकसभा सीट पर पिछला चुनाव हार गए थे। दिग्विजय की पत्नी अमृता राय के नाम की चर्चा भी समर्थकों ने चलाई, लेकिन अमृता प्रदेश से चुनाव लडऩा नहीं चाहती हैं।

इस बार महेंद्र सिंह चौहान भी राजी नहीं
शिवराज के खिलाफ 2013 में महेंद्र सिंह चौहान चुनाव लड़े थे, लेकिन इस बार वे तैयार नहीं हैं। वे भोपाल की नरेला सीट से राज्यमंत्री विश्वास सारंग के सामने ताल ठोंक रहे हैं।

इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी पिछली बार भोजपुर से सुरेंद्र पटवा से हार चुके हैं, इस कारण कोई बड़ा नेता इस तरह का जोखिम लेना नहीं चाहता।

एेसा है बुदनी का गणित
2013
भाजपा- शिवराज को 128730 वोट
कांग्रेस - महेंद्र सिंह को 43925 वोट
2008
भाजपा - शिवराज सिंह को 75828 वोट
कांग्रेस-महेश सिंह राजपूत को 34303 वोट
2006 उपचुनाव
भाजपा- शिवराज को 66689 वोट
कांग्रेस- राजकुमार पटेल को 30164 वोट
2003
भाजपा - राजेंद्र सिंह को 58052 वोट
कांग्रेस- राजकुमार पटेल को 47616 वोट


बुदनी सीट हमारी प्राथमिकता में शामिल है। इस सीट पर बेहतर चेहरा दिया जाएगा, लेकिन अभी इसे लेकर कुछ तय नहीं हुआ है।
- कमलनाथ, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

ये रहा है सीट का मिजाज
बुदनी सीट भाजपा का गढ़ बन गई है, लेकिन 15 साल पहले ऐसा नहीं था। इस सीट का सियासी मिजाज 1957 से 2003 तक बार-बार बदलता रहा है। 1957 से 1980 तक यह सीट कांग्रेस, निर्दलीय और जनसंघ के बीच बदली जाती रही। फिर धीरे-धीरे भाजपा का गढ़ बनती गई। इस बीच कांग्रेस आई भी तो एक कार्यकाल से ज्यादा काबिज नहीं रह सकी।