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नूतन पथ तैयार करना है साहित्यकार का दायित्व…!

नूतन पथ तैयार करना है साहित्यकार का दायित्व...!
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 21 Apr 2018, 7:39 PM IST

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भोपाल। साहित्य अकादमी, मप्र संस्कृति परिषद् द्वारा शुक्रवार को स्वराज भवन में निरंतर सृजन-संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार यतीन्द्र नाथ 'राही' ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है। वह समाज से निर्मित होता ही है। निर्मायक भी होता है। वर्तमान को संवार कर भविष्य के लिए नूतन पथ तैयार करने का दायित्व साहित्यकार का होता है। विधा कोई भी हो रचनाकार ने अपना धर्म जितनी खूबसूरती से निभाया है, यही रचना के मूल्यांकन की कसौटी होनी चाहिए।

कार्यक्रम में साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान युवा गीतकार मनोज जैन 'मधुर' ने 'संवेदन की नदिया सूखी', शहद हुए एक बूंद हम, 'कर्म-मथानी से, 'दीपक जैसा जल', कहीं न हो मृगजल जैसी कविताओं का पाठ किया। इस अवसर पर प्रख्यात लेखक डॉ. सुधीर कुमार शर्मा की कृति 'एक दिन किरन तो आएगी' का विमोचन भी भी हुआ जिसकी समीक्षा डॉ. रामेश्वरम तिवारी और मधु शुक्ला ने की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वर्षा चौबे ने किया।

रिया ने वाद-विवाद में पाया प्रथम स्थान

साइंस की फील्ड में स्टूडेंट्स की प्रतिभाओं को निखारने और मंच देने के उद्देश्य से वीआइटी भोपाल यूनिवर्सिटी ने स्पेक्ट्रा 1.0 विज्ञान मेले का आयोजन किया। इसमें मप्र के 15 स्कूलों के 120 स्टूडेंट्स ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इसके तहत मुख्यत: वाद-विवाद, वर्किंग मॉडल मेकिंग और विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन हुआ। मेले में सेंट जोसेफ को एड स्कूल की क्लास 10 की स्टूडेंट रिया जैन ने वाद-विवाद (जूनियर) प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके लिए रिया को तीन हजार रुपए नगद पुरस्कार और ट्रॉफी दी गई। इसके अतिरिक्त रिया ने वर्किंग मॉडल मेकिंग (जूनियर लेवल) पर द्वितीय स्थान हासिल किया। इसके लिए उन्हें एक हजार रुपए पुरस्कार राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई।

सफल जीवन में है योग का महत्व

सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय में शुक्रवार को व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ द्वारा 'योग-जीवन का आधार' विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. ममता गुरू द्वारा व्याख्यान एवं योग प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण दिया गया। उनके द्वारा योग का सफल जीवन में महत्व, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव बताया गया। इसके अलावा बहुमुखी प्रतिभा से व्यक्तित्व में निखार हेतु योग की भूमिका पर भी विचार व्यक्त किए।