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सेमिनार-वर्कशॉप के फोटो दिखा कर सवाल पूछे तो विचलित हो गए कुठियाला

आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ ने पत्रकारिता विवि के पूर्व कुलपति के सातवीं बार दर्ज किए बयान
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भोपाल। आर्थिक अनियमितताओं अन्य गड़बडिय़ों का सामना कर रहे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जन संचार विवि के पूर्व कुलपति प्रो ब्रज किशोर कुठियाला के आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने सातवीं बार बयान दर्ज किए। सोमवार को कुठियाला जांच एजेंसी के सामने पेश हुए। जांच अधिकारियों ने बड़े सहज तरीके से 53 से ज्यादा सवाल पूछे। शुरुआत में सामान्य सवाल किए।

साफ इंकार कर दिया था
पूर्व में ईओडब्ल्यू को दिए गए बयान में कुठियाला ने विवि के फंड से सेमिनार-सिम्पोजियम और वर्कशॉप आदि आयोजित करने से ही साफ इंकार कर दिया था। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने सोमवार को कुठियाला द्वारा आयोजित सेमिनार-वर्कशॉप आदि के फोटो दिखाकर सवाल दोहराए कि इन आयोजनों से विवि और छात्रों को क्या लाभ हुआ? सवाल सुनकर कुठियाला असहज नजर आए, लेकिन सेमिनार-वर्कशॉप में कुठियाला अपने ही फोटो देखकर विचलित हो उठे। वे इनके जवाब नहीं दे पाए।

अधिकांश सवालों के जवाब नहीं दिए
उन्होंने इन आयोजनों से विवि को क्या लाभ हुआ और छात्रों के लिए यह आयोजन कैसे उपयोगी साबित हुए इसकी जानकारी नहीं दे पाए। करीब चार घंटे चली पूछताछ में जांच अधिकारियों ने कुठियाला से पूछा कि आपके द्वारा बार-बार कश्मीर, नागपुर, उत्तराखंड सहित अन्य प्रांतों और विदेश यात्रा करने से विवि और छात्रों को क्या फायदा हुआ? इससे छात्रों की पढ़ाई में क्या प्रगति आई और पाठ्यक्रमों में किस तरह का बदलाव आदि किया गया है, तो वह इनके जवाब भी टाल गए। हर बार की तरह उन्होंने अधिकांश सवालों के जवाब नहीं दिए।

अब 6 जनवरी को फिर होगी पूछताछ
कुठियाला से अब नए साल में 6 जनवरी को फिर से पूछताछ होगी। वहीं, कुठियाला द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए लगाई गई याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होना है। इस पर ईओडब्ल्यू अपना पक्ष रखेगा। वहीं, मप्र हाई कोर्ट में भी 6 दिसंबर को प्रकरण के खात्मे संबंधी याचिका पर सुनवाई होना है। ईओडब्ल्यू के अफसरों का कहना है कि अब तक कुठियाला से पूछे गए सवालों और उनके द्वारा दिए गए जवाबों आदि के बारे में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जवाब पेश किया जाएगा। ताकि जांच एजेंसी का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।