
राजमाता सिंधिया image- facebook - amitshahofficial
Rajmata Scindia : ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की राजमाता विजयाराजे सिंधिया की आज जयंती है। इस मौके पर देशभर के नेता, राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को रेखांकित कर रहे हैं। राज परिवार की होने के बावजूद विजयाराजे सिंधिया आमजन से जुड़ी रहीं। उन्होंने समाजसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। राजमाता विजयाराजे सिंधिया पहले कांग्रेस में थीं लेकिन बाद में जनसंघ से जुड़ गईं थीं। वे बीजेपी की संस्थापक सदस्य थीं। राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने पार्टी के लिए फंड जुटाने के लिए अपने गहने तक बेच दिए थे। मुंबई का महल बेच दिया, यहां तक कि अपनी प्रिय अंगूठी तक दान कर दी थी।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने जनसंघ और बीजेपी की भरपूर आर्थिक मदद की थी। पार्टी नेता आज तक उनके इस योगदान को याद करते हैं। जयंती पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह और नितिन गडकरी से लेकर एमपी के सीएम मोहन यादव व बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तक ने बीजेपी के लिए राजमाता सिंधिया के समर्पण को सराहा है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान ने भी उनका समरण किया।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जब पिछले साल जुलाई में ग्वालियर गए थे तो उन्होंने राजमाता विजयाराजे सिंधिया को पार्टी के लिए किए गए त्याग के लिए याद किया। उन्होंने कहा कि जनसंघ और बीजेपी, वस्तुत: ग्वालियर में ही पुष्पित और पल्लवित हुई।
कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया के त्याग का खासतौर पर जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जनसंघ के दिनों में पैसों की जरूरत पड़ने पर राजमाता ने अपनी प्रिय अंगूठी तक दान दे दी थी।
विजयाराजे सिंधिया के ससुर माधो राव सिंधिया की मुंबई में एक बेशकीमती प्रोपर्टी थी। इसे समुद्र महल कहा जाता था। माधो राव सिंधिया को मुंबई के पैलेस से गहरा लगाव था। वे चाहते थे कि यह महल हमेशा उनके परिवार के पास ही रहे, कोई भी कभी भी इसे बेचे नहीं। माधो राव सिंधिया ने इसके लिए बाकायदा आदेश जारी कर दिया था। इधर अपने पति के देहांत के बाद राजमाता विजयाराजे सिंधिया राजनीति में सक्रिय हो गई थीं। पार्टी के लिए उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी तो उन्होंने मुंबई का महल बेच दिया।
Updated on:
12 Oct 2026 12:11 pm
Published on:
12 Oct 2026 11:37 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
