
भोपाल. अनलॉक के बाद भोपाल रेल मंडल ने अपनी सभी एक्सप्रेस रेलगाडिय़ों को स्पेशल, त्योहार स्पेशल का नाम देकर संचालन शुरू कर दिया है। किराए में 25 से 30त्न वृद्धि कर दी गई है। किसी भी ट्रेन में जनरल का टिकट नहीं बेचा जा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों की जनता का सबसे बड़ा सहारा पैसेंजर गाडिय़ों का संचालन बंद है। लंबी दूरी की स्पेशल ट्रेनें छोटे स्टेशनों पर नहीं रुक रहीं। इसके चलते बड़े स्टेशन से यात्रियों को छोटे स्टेशन की यात्रा वैकल्पिक साधन से करनी पड़ रही है।
छह माह में 50प्रतिशत से ज्यादा कमाई
भोपाल रेल मंडल ने यात्री रेलगाडिय़ों एवं माल गाडिय़ों के माध्यम से खासा मुनाफा कमाया है। राजस्व प्राप्ति के तय लक्ष्य 2021-22 की छमाही में ही 50त्न से ज्यादा प्राप्त कर लिए गए हैं। भोपाल मंडल को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक सौ फीसदी से ज्यादा राजस्व वसूली कर ली जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 की प्रथम छमाही (अप्रेल से सितंबर तक) में 584.08 करोड़ का राजस्व मिला। यह गत वर्ष की इसी अवधि में प्राप्त राजस्व 436.00 करोड़ से 33.96 प्रतिशत अधिक है।
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जबलपुर मंडल: 135 में से चल रहीं 127 गाडिय़ां
लॉकडाउन से पहले लगभग 135 जोड़ा ट्रेनें संचालित होती थीं। इनमें से 127 का संचालन शुरू हो चुका है। छह जोड़ा मेमू ट्रेन भी शामिल हैं। बंद ट्रेनों के संचालन के लिए भी रेलवे बोर्ड से मंजूरी मांगी गई है। कोरोना काल में रेलवे की बुनियादी संरचना में सुधार पर कार्य हुआ है, इसके तहत जबलपुर-कटनी इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य पूरा हो चुका है। सतना-रीवा और कटनी-सिंगरौली के बीच दूसरी लाइन के काम में तेजी आई है।
Published on:
30 Oct 2021 03:26 pm
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