
mantralaya_vallabh_bhavan_bhopal.jpg
भोपाल. कमलनाथ सरकार को गिराने और बचाने की रस्साकसी के बीच नियुक्तियों व तबादलों का दौर चल पड़ा है। सरकार ने तीन दिन में तीन दर्जन नियुक्तियां व तबादला आदेश जारी कर दिए। खासतौर पर आयोगों में नियुक्तियां करके कांग्रेस नेताओं के असंतोष को थामने की कोशिश की है। वहीं, प्रशासन और पुलिस के मुखिया भी इसी बीच बदले गए हैं।
- इनकी नियुक्तियां
जेपी धनोनिया को अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष बनाया।
अभय तिवारी को मध्यप्रदेश युवा आयोग का अध्यक्ष बनाया।
गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी को अनुसूचित जनजाति आयोग का अध्यक्ष बनाया।
महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाविधवक्ता कार्यालय में वकीलों की नियुक्तियां।
पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ संचालक डॉ. प्रतिमा यादव की प्रतिनियुक्ति अवधि एक वर्ष बढ़ाई।
- इनके तबादलों का दौर
पुलिस महकमे में 30 से ज्यादा, उच्च शिक्षा में 20 से ज्यादा, लोक निर्माण विभाग में करीब एक दर्जन, नगरीय प्रशासन में करीब 25 और स्वास्थ्य विभाग में तीन दर्जन तबादले इसी दौरान कर दिए गए हैं। वहीं, दो बार डिप्टी कलेक्टरों सहित अन्य अफसरों के तबादले किए जा चुके हैं। इसमें 50 से ज्यादा अफसर प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा दो बार आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं, जिनमें दो दर्जन अफसर प्रभावित हो चुके हैं।
- दोनों मुखिया भी बदले
मुख्य सचिव पद पर जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव एम. गोपाल रेड्डी की नियुक्ति की है। एसआर मोहंती मुख्य सचिव पद से 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पहले यह कोशिश थी कि रेड्डी एक अप्रेल को मुख्य सचिव का पद संभालते, लेकिन बदले सियासी समीकरणों के कारण रेड्डी को पहले ही मुख्य सचिव बना दिया गया। वहीं, पुलिस में डीजीपी पद पर भी वीके सिंह को हटाकर पहले राजेंद्र कुमार को प्रभारी डीजीपी बनाया गया, लेकिन केंद्रीय मंत्रालय ने वीके जौहरी को पैनल में मान्य किया तो जौहरी को डीजीपी बनाना पड़ा।
- राज्य महिला आयोग में नियुक्तियां
शोभा ओझा को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। भोपाल से कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा, शशि राजपूत और नीना सिंह को सदस्य बनाया गया है। जबलपुर से जमुना मरावी और खरगोन से शर्मिला एस मोयदे को भी सदस्य बनाया गया है। इनका कार्यकाल तीन साल का रहेगा।
- भाजपा बोली, अल्पमत की सरकार कर रही नियुक्तियां, रोक लगाएं
भाजपा ने मंगलवार को राज्यपाल लालजी टंडन से प्रदेश सरकार द्वारा आयोगों में की जा रही नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि अल्पमत की सरकार जो नियुक्तियां कर रही है, उसमें से गई संवैधानिक प्रकृति की हैं। इनका कार्यकाल निश्चित होता है, इसमें महिला और युवा आयोग के अध्यक्ष के साथ ही मप्र लोक सेवा आयोग के सदस्य के पद शामिल हैं। संवैधानिक संकट के समय ऐसी नियुक्तियों और स्थानांतरण के अधिकार संविधान की धारा 163 और 166 के अंतर्गत सिर्फ राज्यपाल के पास ही होते हैं, इसलिए पिछले तीन दिनों में की गई ऐसी नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए। राज्यपाल निर्देशित करे कि सरकार अल्पमत की स्थिति में अपने अधिकारों का दुरुपयोग न करे। शिवराज ने कहा कि सरकार अल्पमत में है। हमारे 106 विधायकों ने राज्यपाल के सामने परेड की है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फ्लोर टेस्ट के मामले में नोटिस दिया है। ऐसी स्थिति में संविधान का उल्लंघन करके सरकार संवैधानिक पदों पर राजनीतिक नियुक्तियां कर रही हैं।
Published on:
19 Mar 2020 05:26 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
