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स्कूल शिक्षा विभाग ने ली फर्नीचर विहीन शालाओं की सुध, विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा

नई व्यवस्था के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले के कलेक्टर को बजट जारी करके फर्नीचर की व्यवस्था कराने की योजना बनाई है
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स्कूल शिक्षा विभाग ने ली फर्नीचर विहीन शालाओं की सुध, विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा

स्कूल शिक्षा विभाग ने ली फर्नीचर विहीन शालाओं की सुध, विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा

भोपाल. शाला भवन, बिजली कनेक्शन और फर्नीचर, यह वह तीन मूलभूत व्यवस्थाएं हैं जो प्रदेश के शासकीय स्कूलों की सबसे बड़ी जरूरत हैं। मूलभूत ढांचे में सुधार के लिए कदम उठा रहे स्कूल शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों 14 हजार से अधिक शालाओं में विद्युत कनेक्शन के लिए बजट जारी करने के बाद अब फर्नीचर विहीन शालाओं की सुध ली है। नई व्यवस्था के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रत्येक जिले के कलेक्टर को बजट जारी करके फर्नीचर की व्यवस्था कराने की योजना बनाई है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से फर्नीचर विहीन शालाओं की जानकारी मंगाई है। इन शालाओं में जरूरत के अनुसार फर्नीचर के लिए बजट स्वीकृत करके जिला कलेक्टर्स को भेजा जाएगा, जिससे कलेक्टर्स जिला स्तर पर फर्नीचर खरीद या बनवाकर में फर्नीचर विहीन शालाओं में व्यवस्था कराएंगे। प्रथम चरण में फर्नीचर विहीन हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराने पर फोकस रहेगा इसके बाद माध्यमिक और प्राथमिक शालाओं में व्यवस्था की जाएगी।

केस- एक

कोलार स्थित काला पानी हाई स्कूल मुख्य कोलार रोड पर स्थित है, लेकिन इस एकीकृत शाला में विद्यार्थी बिना फर्नीचर के जमीन पर बैठकर पढऩे को मजबूर हैं। यहां कक्षा पहली से 10वीं तक किसी शाला में फर्नीचर नहीं है। विद्यालय में 733 विद्यार्थी अध्ययन करते हैं जो सबके सब इस ठंड में भी जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इसी इलाके के गेहूंखेड़ा माध्यमिक शाला में शाला भवन तो जर्जर है ही यहां विद्यार्थियों के पास बैठने के लिए फर्नीचर भी नहीं है।

केस- दो

बरखेड़ी स्थित शासकीय रशीदिया विद्यालय परिसर में चार स्कूल संचालित हो रहे हैं। इस स्कूल भवन परिसर के लिए 12 करोड़ की लागत से नई बिल्डिंग बनाई गई है। नया भवन बनने के बाद तीन स्कूलों को तो नए कमरों के साथ फर्नीचर भी मिला लेकिन जिस स्कूल के नाम से परिसर की पहचान थी, उस माध्यमिक शाला को फर्नीचर ही नहीं मिले। माध्यमिक शाला के विद्यार्थी नए कमरों में जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल और सभी जरूरी सुविधाएं मिलें इसके लिए लगातार कदम उठा रहे हैं, हाल ही में 14 हजार से अधिक शालाओं में विद्युत कनेक्शन के लिए बजट जारी किया गया है अब फर्नीचर की व्यवस्था के लिए योजना बनाकर कदम उठाए जा रहे हैं। इससे सीधे तौर पर विद्यार्थियों को फायदा पहुंचेगा।

प्रभुराम चौधरी, स्कूल शिक्षा मंत्री