
खरगोन।क्षेत्र के ग्राम नवलपुरा
निवासी भीमसिंह पिता बख्तावर(40) तोमर ने कीटनाशक पीकर जान दे दी। भीमसिंह ने कर्ज
लेकर सात एकड़ में मिर्च की फसल बोई थी, लेकिन वायरस के कारण पूरी फसल चौपट हो गई।
इसके बाद वह अवसाद में चला गया।
मृतक के भाई पूरणसिंह के अनुसार वह आठ
दिन पहले भाई से मिला था, तब वह परेशान था। कुछ दिनों से ठीक से खा भी नहीं रहा था।
गुरूवार को बिना किसी से बोले घर पर जहर पी लिया।मृतक के परिवार में पत्नी और तीन
बच्चे है।
एक सप्ताह में दूसरे किसान की मौत
भीकनगांव क्षेत्र
में कर्ज के कारण सप्ताहभर में दूसरे किसान की मौत की घटना हुई है। क्षेत्र में 26
अक्टूबर को किसान मुकेश पिता फत्तू निवासी चिकलवास ने आत्महत्या की थी। मुकेश के
खेत में सोयाबीन कम पैदा हुआ। इसे जब मंडी में बेचा, तोकर्जदारों ने रूपए छिन
लिए।किसान के पास घर चलाने के लिए रूपए नहीं बचे थे।
इससे दु:खी होकर
खुदखुशी कर ली। इसी तरह पूर्व में 15 व 16 अक्टूबर के बीच ऊन क्षेत्र के जोजलवाड़ी
और बालसमुद में दो किसानों ने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की थी। हालांकि उपचार
के बाद दोनों की जान बच गई।
राजनेताओं ने बनाई दूरी
भीकनगांव व
आसपास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिर्च की खेती होती है। यह फसल सबसे अधिक
खर्चीली मानी जाती है। पिछले तीन साल में मिर्च की फसल वायरस की चपेट में आने से
खराब हुई।
इससे किसान कर्ज के गर्त में चले गए। समूचे क्षेत्र में किसानों
की आर्थिक हालत खराब हो चुकी है। इस कारण किसानों की मौत की घटनाएं सामने आ रही।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार चौहान के लोकसभा क्षेत्र में आने वाले इस क्षेत्र में
किसानों की परेशानी से नेताओं ने भी दूरी बना रखी है। चौहान अभी तक क्षेत्र में
किसानों का दर्द देखने नहीं आए।
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