
बेटे की शहादत पर बिलख कर बोले पिता - बेटे की तमन्ना पूरी हुयी
भोपाल @मिथिलेश रघुवंशी की रिपोर्ट...
सेना के जवान अपने प्राण न्यौछावर कर रहे हैं, दुश्मन देश के घर में घुसकर हमला कर रहे हैं और हमारे देश के नेता सेना के शौर्य पर छीटांकसी करके उनका अपमान कर रहे हैं। यह बात बुधवार आतंकी घटना में शहीद हुए प्रदेश के जबलपुर निवासी सैनिक अश्वनी कुमार के पिता ने सुकरू प्रसाद ने मीडिया से चर्चा करते हुए कही। मीडिया से बात करते हुए सैनिक अश्वनी कुमार के पिता ने सुकरू प्रसाद ने बेटे की शहादत पर बिलख कर बोले कि बेटे की तमन्ना थी कि जब मैं घर लौटूं तो तिंरगें में लिपटा हुआ लौटूं।
शहीद के पिता और बड़े भाई एलएनजे भीलवाड़ा समूह की कंपनी एचईजी लिमिटेड के बुलावे पर बुधवार को मंडीदीप पहुंचे थे। कंपनी के सीओओ मनीष गुलाटी और एचएआर हेड संजय सिंह ने शहीद परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में 7.5 लाख रुपए का एक चेक एवं परिवार के एक व्यक्ति को कंपनी में नौकरी के लिए पत्र सौंपा।
तम्मन्ना थी घर लौटूं तो तिरंगे में लिपटकर
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सेना के काफिले पर आंतकवादियों द्वारा किए हमले में जबलपुर निवासी 28 वर्षीय अश्वनी कुमार काछी भी शहीद हुए थे। अश्वनी के पिता ने बताया की अश्वनी के मने में बचपन से देश सेवा का जज्बा था। उसने सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने की अपनी इच्छा को परिवार के सामने रखी था। देश के लिए अपना बेटा खो देने वाले पिता ने बताया कि अश्वनी की तमन्ना थी, जब भी उसकी मौत हो उसका शव तिरंगे में लिपटा हुआ घर आए।
पहले भी शहीद हुए है गांव के दो सैनिक
शहीद अश्वनी कुमार के गांव के पूर्व सरपंच गजेन्द्र खम्बरिया ने बताया कि 2500 की आबादी के गांव में वर्तमान में 30 से ज्याद युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं। वहीं गांव करीब 30 सैनिक सेवा निवृत्त होकर रह रहे हैं। गजेन्द्र खम्बरिया ने बताया कि गांव में ज्यादा युवाओं का जज्बा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना है। इसके लिए 12 साल की उम्र से ही तैयारी शुरू कर देते हैं। उन्होंने बताया कि अश्वनी से पहले गांव के दो सैनिक शहीद हो चुके हैं।
Published on:
07 Mar 2019 02:20 pm
