
भोपाल. कोरोना प्रोटोकाल शिथिल होने के बाद स्कूल कॉलेज खुलने से स्टूडेंट कुछ खुश हुए थे लेकिन कई विद्यार्थियों का स्कूल—कालेज जाना बंद होने की आशंका बलवती हो गई है. सरकारी योजनाओं के भरोसे तालीम पा रहे स्टूडेंट तो गहरी मुश्किल में आ चुके हैं। इस बार अभी तक फीस नहीं भरे जाने के कारण कई अभिभावकों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं.
दरअसल स्कूल—कॉलेज खुलने के बाद बच्चों से पहली मांग फीस के लिए ही की गई। ऐसे में सरकारी योजनाओं के तहत शिक्षा पा रहे कुछ बच्चों के सामने दिक्कत आ गई। सरकारी योजनाओं की राशि जारी नहीं करने से फीस नहीं भरी जा सकी है. अभिभावकों के मुताबिक कई बार नोटिस आ चुके हैं, यहां तक कि अब यह डर है कि स्कूल कहीं हमारे बच्चों का दाखिला ही निरस्त न कर दें।
संबल योजना के तहत इस बार फीस नहीं मिली- संबल योजना के तहत शिक्षा पा रहे विकास विश्वकर्मा को इस बार फीस के रूप में दी जा रही मदद नहीं मिली। इसे लेकर इन्होंने प्रशासन को शिकायत भी की। बाद में पता लगा सत्यापन के दौरान इनका नाम काट दिया गया। ऐसे में अब कॉलेज की फीस इन्हें ही भरना पड़ेगी। इस तरह की स्थिति कुछ और प्रकरणों में है। इस तरह का मामला माइनारिटी स्कालरशिप के दौरान भी आया है।
नाम न आने पर कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई अब तक नहीं हुई- बीते साल जिन बच्चों को स्कालरशिप मिली थी उनमें से कुछ को इस बार ये मदद नहीं मिली। अब अगले साल के लिए फिर फॉर्म जमा हो रहे हैं। अंतिम तारीख 15 दिसम्बर है। यहां भी बच्चों को कई दिक्कतें आ रही हैं। मामले में जानकारों ने बताया कि प्रक्रिया ऑनलाइन है। नाम न आने पर कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई अब तक नहीं हुई। शिक्षा विभाग इस मामले को अल्पसंख्यक विभाग की योजना बताकर पल्ला छाड़ रहा है।
Published on:
07 Dec 2021 03:04 pm
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