
अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर हुआ ऐसा फर्जीवाड़ा, खुलासा होने पर जारी किया नोटिस
भोपाल। बिना प्रशिक्षण के ही 6 अभ्यर्थियों को स्वास्थ्य कार्यकर्ता बना दिया गया। दो साल से उन्हें सर्वेलेंस वर्कर संवर्ग का वेतन भी दिया जा रहा है। अनुकंपा नियुक्ति की आड़ पर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ वीणा सिन्हा द्वारा किए गए इस कारनामे का खुलासा होने के बाद संचालनालय ने नोटिस जारी किया है।
दरअसल बैतूल और भिंड में इस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया था। मामला सामने आने के बाद लोक स्वास्थ्य संचालनालय ने सभी जिलों से अनुकंपा नियुक्ति की जानकारी मंगाई थी। इसमें यह खुलासा हुआ कि सीएमएचओ कार्यालय भोपाल ने भी 2016 में 6 अभ्यर्थियों को अनुकंपा नियुक्ति सर्वेलेंस वर्कर संवर्ग के रिक्त पद पर कर दी थी। जबकि, इन अभ्यर्थियों ने एमपीडब्लू का प्रशिक्षण नहीं लिया था। विभाग ने 2008 में ही स्वास्थ्य कार्यकर्ता पद के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया था।
इस गड़बड़ी के पकड़ में आने के बाद विभाग ने तत्कालीन सीएमएचओ भोपाल वीणा सिन्हा और सहायक सांख्यिकी अधिकारी आइएम सक्सेना को नोटिस देकर 15 दिन में जवाब मांगा है।
इन दोनों अधिकारियों से पूछा गया है कि दो साल से उनकी सेवा के सत्यापन के साथ वेतन, भत्तों के आहरण के लिए उत्तरदायी मानते हुए क्यों न अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। अपर संचालक स्वास्थ्य विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि १५ दिन में जवाब नहीं मिलने पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
इन्हें मिली नियुक्ति -
सीएमएचओ भोपाल कार्यालय ने तनुज तिवारी, शेखर सिंह, तुषार मोघे, प्रमोद मेहरा, मिथलेश विजय और निलेश पांडेय को 2016 में अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। अपात्र होने के बाद भी उन्हें बहु उद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता बनाया गया था। यह कर्मचारी दो साल से नियम विरुद्ध सेवा दे रहे हैं अब इन कर्मचारियों की अब नौकरी जाएगी। इससे पहले भी इसी तरह से भर्ती किए गए स्वास्थ्य कार्यकर्ता सेवा से हटाए जा चुके हैं। इन्हें हटाने की तैयारी भी की जा रही है।
Published on:
30 Jun 2018 11:23 am
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